भिवानी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भिवानी आगमन पर मात्र 16 दिन पहले तैयार की गई सड़क भी अब टूटकर बिखर चुकी है। बारिश के बाद फिर से गहरे गड्ढे उभर गए हैं। भिवानी-हांसी फोरलेन मार्ग पर पुलिस अधीक्षक आवास के सामने तो सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां पैदल चलना भी संभव नहीं है। बारिश के बाद जलभराव के पानी के बीच ही वाहन गहरे गड्ढों में हिचकोले खा रहे हैं। नेशनल हाईवे की साइड में भी बारिश के बाहर गहरे कटाव बन गए हैं। इससे हादसों का डर बना है।
भिवानी के भीम स्टेडियम में 13 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य स्तरीय महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आठ जुलाई को बारिश के जलभराव के अंदर ही नई तारकोल की लेयर डालकर सड़क तैयार कर दी थी। अमर उजाला ने नाकामी पर पर्दा...पानी पर बना दी सड़क शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित कर मामला प्रमुखता से उठाया था।
भिवानी-हांसी फोरलेन 148बी के दायरे में आता है। तिगड़ाना मोड़ से लेकर हांसी तक फोरलेन तैयार किया जा रहा है लेकिन तिगड़ाना मोड़ से भिवानी शहर में जूई नहर पुलिया तक की सड़क खस्ताहाल है। जिला कारागार रेलवे ओवरब्रिज के समीप पुलिस अधीक्षक आवास और मेडिकल कॉलेज की नवनिर्मित भवन और मिल्क प्लांट के सामने तो हालात है कि यहां सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। सीएम के आने से पहले ही 148बी अथॉरिटी ने खस्ताहाल सड़क को छिपाने के लिए बारिश में गीली जगह पर ही तारकोल की नई लेयर डाल दी।
तोशाम बाईपास पर भी ढाई माह पहले बनाई सड़क उखड़ी
तोशाम बाईपास पर बापोड़ा चौक पर भी करीब ढाई माह पहले नई सड़क बनाई थी लेकिन बारिश के बाद ये सड़क भी अब टूटकर बिखर चुकी है जिसमें अब केवल गड्ढे बचे हैं। बारिश के बाद तो यहां सड़क की ऊपरी परत गायब होने के बाद कीचड़ फैला है। इसके अंदर भिवानी से तोशाम व हिसार की तरफ जाने वाले वाहन भी फंस रहे हैं।
बाईपास और निर्माणाधीन फोरलेन के किनारों में भी बारिश से बने कटाव
शहर के बाईपास और निर्माणाधीन भिवानी-हांसी फोरलेन के किनारों में भी बारिश के बाद कटाव बन गए हैं। जिसकी वजह से सर्विस रोड पर आवागमन करने वाले वाहनों के पलटने का डर बना है। इतना ही नहीं बाईपास पर तो कई जगह सड़क के किनारे इतने खतरनाक तरीके से कटाव में बदल गए हैं, जहां से अगर कोई वाहन गुजरा तो फिर नीचे खाई में ही जा गिरेगा। हालांकि संबंधित अथॉरिटी बारिश के दौरान किनारों पर बने कटाव को पाटने में जुटी हैं।
स्टेट हाईवे व नेशनल हाईवे की अथॉरिटी सड़क निर्माण के नाम पर केवल एजेंसियों के साथ मिलीभगत कर बजट की लीपापोती में जुटी हैं। आम जनता की परेशानी से किसी को लेना-देना नहीं हैं। नियम के अनुसार एक बार जिस सड़क का निर्माण होता है उसका तीन साल तक एजेंसी रखरखाव करती है। फोरलेन अभी बना नहीं कि सड़क बनने से पहले ही पहली बारिश में उखड़कर बिखर गई। संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-अभिषेक बंसल, अध्यक्ष काॅस्मेटिक्स एसोसिएशन, भिवानी।
सरकुलर रोड और मुख्य सड़कों की हालत बारिश के बाद खराब हो चुकी है। अधिकारी केवल पैचवर्क करा देते हैं जो अगली बारिश में धुल जाते हैं। ऐसा भी एक दो बार ही हो पाता है। साल भर बाद फिर नई सड़क और नया बजट हड़पने की तैयारी हो जाती है। निर्माण में न केवल अधिकारी मानकों को जांचें बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि ये सड़क तय अवधि तक ठीक रहेगी।
-जोगिंदर फोगाट प्रेमनगर निवासी
भिवानी-हांसी फोरलेन का निर्माण काम चल रहा है। जिन जगहों पर पानी का नियमित ठहराव होता है वहां पर आरसीसी पैटर्न पर सड़क तैयार कराई जाएगी। यह काम बारिश के मौसम के बाद कराया जाएगा। फिलहाल फोरलेन निर्माण का काम तेजी से कराया जा रहा है।
-राजेश गुप्ता, मैनेजर, एनएच 148बी अथॉरिटी।