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रेहड़ी वालों को पुलिस ने खदेड़ा, विरोध में किया प्रदर्शन

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भिवानी। एक बार फिर रेहड़ी वाले और प्रशासन आमने-सामने होने जा रहे हैं। जिला यातायात पुलिस और नगर परिषद ने शहर के सभी मुख्य चौराहों के करीब 150 मीटर के दायरे में रेहड़ी लगाने वालों को खदेड़ दिया है। इसी समस्या को लेकर रेहड़ी दुकानदार लघु सचिवालय पहुंचे। उपायुक्त से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही चेतावनी दी कि दो दिन में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे शहर में फल और सब्जियों की बिक्री ही बंद कर देेंगे।
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23 जून से ट्रैफिक पुलिस की ओर से अभियान चलाकर सभी चौक-चौराहों के पास से रेहड़ी दुकानदारों को चौक से 150 मीटर की दूरी ज्यादा खदेड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि चौक-चौराहों के 150 मीटर के दायरे में कोई रेहड़ी नहीं लगे। इससे जाम लगता है।
इसी कारण करीब 1800 रेहड़ी दुकानदारों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। भिवानी थ्री व्हीलर रेहड़ी फुटपाथ एसोसिएशन के प्रधान रामनिवास शर्मा के नेतृत्व में रेहड़ी दुकानदारों ने लघु सचिवालय परिसर में पहुंचकर अपने रोजगार को बचाने की उपायुक्त से गुहार लगाई। रेहड़ी संचालक सतीश कुमार, महेश, महावीर व रामू का कहना है कि पिछले छह दिनों से उनके केले और आम घर पर सड़ रहे हैं, जबकि 23 जून से ही उनकी रेहड़ी नहीं लगने दी जा रही है। रेहड़ी लगाते ही ट्रैफिक पुलिस व नगर परिषद कर्मचारी उन्हें खदेड़ देेते हैं। वे रोजाना रेहड़ी लगाकर ही अपने बच्चों का पेट पालते हैं। उनका कहना है कि कुछ रेहड़ी वाले तो पिछले तीन साल से रेहड़ी लगाते आ रहे हैं। जिला प्रधान रामनिवास शर्मा ने बताया कि जिला उपायुक्त के समक्ष रेहड़ी वालों की समस्या लेकर गए थे, मगर डीसी ने भी इस मामले में कुछ नहीं कर सकते कहकर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब एसोसिएशन की बैठक बुलाकर दो दिन के बाद रेहड़ी दुकानदार बड़ा आंदोलन का ऐलान करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पूरे शहर में सब्जी और फल बिक्री को बंद कर अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान भी कर सकते हैं।
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रेहड़ी वालों को नहीं मिला कोई निश्चित स्थान
शहर में करीबन साढ़े तीन हजार रेहड़ी दुकानदारों व फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों का जिला प्रशासन की ओर से सर्वे करवाया गया है। इन्हें लाइसेंस देकर जगह देने का प्लान है। इसके लिए अलग-अलग जोन भी निर्धारित किए जा चुके हैं। अब मामला पिछले करीब सात-आठ माह से ठंडे बस्ते में है।

ऐसे सिकुड़ जाते हैं चौक और शहर की सड़कें
ट्रैफिक पुलिस व नगर परिषद अधिकारियों की दलील है कि फुटपाथ पर रेहड़ियों की वजह से सड़क पर जाम लग जाता है। पहले तो दुकानदार फुटपाथ पर अतिक्रमण करते हैं, जो जगह बचती है उस पर रेहड़ी वाले अपना डेरा जमा लेते हैं। फिर इन प्रतिष्ठानों पर खरीददारी करने या फिर अन्य कार्य से आने वाले अपने वाहन इनके सामने खड़े कर देते हैं। जिससे सड़क सिकुड़ जाती है और जाम लग जाता है।
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