भिवानी। पिछले दिनों एलटी नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को हुई परेशानी को लेकर चिकित्सकों की बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि एक एलटी नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के विभिन्न टेस्ट के लिए ओपीडी में बनाई लैब मेें नियुक्त किया जाएगा। फैमिली प्लानिंग केस के लिए अलग से एलटी की ड्यूटी लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 30 मई को सामान्य अस्पताल की ओपीडी में बनी लैब में एलटी नहीं मिलने पर गर्भवती महिलाओं को परेशानी हुई थी। एलटी दोपहर 12 बजे तक आया। तब तक कुछ गर्भवती महिलाएं प्राइवेट लैब तो कुछ बिना इलाज के घर जा चुकी थीं। पीएलवी विरेंद्र ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों को दी। जिस पर सुनवाई के लिए बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय भवन में बैठक हुई। सामान्य अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए चिकित्सकों ने अपने सुझाव दिए।
अब तक एलटी अनिल चहल यहां लैब में टेस्ट के अलावा फैमिली प्लानिंग के केस की जिम्मेवारी निभा रहे थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि उक्त एलटी की नियमित रूप से ओपीडी के कमरा नंबर 11 में बनी लैब में ड्यूटी लगाई जाए। फैमिली प्लानिंग केस के लिए अलग से एलटी नियुक्त किया जाए।
शिकायतकर्ता पीएलवी विरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका शिकायत का उद्देश्य सिर्फ इतना था कि अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधरें। गर्भवती महिलाओं को परेशानी न उठानी पड़े। अब डिप्टी सिविल सर्जन ने निर्देश दे दिए हैं।
चिकित्सक की डे अनुसार हो स्टांप
बैठक में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता ने सुझाव दिया कि अनेक महिला मरीज एक बार जांच के बाद ही अगले दिन दोबारा कंफ्यूजन में आ जाती है और अपनी रिपोर्ट साथ नहीं लाती। जिससे अन्य चिकित्सक होने पर दोबारा सारे टेस्ट और प्रक्रिया होती है। ऐसे में हरेक डॉक्टर की स्टांप बनवाई जाए कि जिससे मरीज को जिस चिकित्सक ने देखा है, अगली बार ओपीडी में मरीज उसी चिकित्सक को दिखाए। इससे उस चिकित्सक को भी मरीज की बीमारी संबंधित पूरी जानकारी रहेगी।
लैब टेस्टों के समय को लेकर की चर्चा
सामान्य अस्पताल में 11 बजे तक ही मरीजों के लैब टेस्ट किए जाते हैं जबकि मरीजों की जांच दो बजे तक चलती है। इस पर भी विचार विमर्श किया गया।
हमारा प्रयास है कि गर्भवती महिला को परेशानी न हो। इसके लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। जल्द ही महिलाओं के लिए अलग से विभाग शुरू हो जाएगा, जिसके बाद ओपीडी की गैलरी से भीड़ भी कुछ कम होगी। वहां महिलाओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
- डॉॅ. सुनील कुमार, डिप्टी सिविलस सर्जन, स्वास्थ्य विभाग