अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर सामान्य अस्पताल में अनुबंध पर लगे फार्मासिस्ट ने एक दिन का वर्क सस्पेंड किया। फार्मासिस्ट के काम नहीं करने से दवाइयां नहीं मिलीं। जिससे नाराज मरीजों और उनके परिजनों ने हंगामा किया। विरोध के दौरान आक्रोशित लोग फार्मासिस्ट वाले कक्ष में घुस गए। इस दौरान कर्मचारियों से नोकझोंक की और नारेबाजी की। इससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने अन्य कर्मचारियों के सहारे दवा वितरण का प्रयास किया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण भी व्यवस्था बिगड़ी रही।
पिछले पांच माह से फार्मासिस्ट को वेतन नहीं मिला है। सामान्य अस्पताल की ओपीडी में बनाई दवा विंडो पर तीन काउंटर हैं और एक फार्मासिस्टम बाहर बनाए औषद्यालय पर है। पांच माह से वेतन नहीं देने से नाराज उक्त फार्मासिस्टों ने मंगलवार को काम नहीं किया।
पहले किया इंतजार, फिर किया हंगामा
मंगलवार को सामान्य अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। फार्मासिस्ट के हड़ताल पर जाते ही हंगामा शुरू हो गया। दवा विंडो पर मरीजों की भीड़ लगी थी। मगर दवा वितरण करने के लिए कोई नहीं था। मरीज एक से डेढ़ घंटा लाइन में लगकर इंतजार करते रहे। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने भी अन्य कर्मचारियों के माध्यम से दवा वितरण का प्रयास किया। मगर 12 बजे के बाद मरीजों की संख्या अधिक होने और अन्य कर्मचारियों के दवाइयां नहीं समझ आने पर विवाद शुरू हुआ।
पांच माह से वेतन नहीं मिला, आर्थिक स्थिति गड़बड़ाई
जिला सामान्य अस्पताल की औषधालय खिडक़ी पर तैनात अनुबंधित फार्मासिस्ट मनोज कुमार, योगेश शर्मा, अरूप कुमार व कुलदीप कुमार ने बताया कि उनकी नियुक्ति अक्टूबर 2013 में प्रधानमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत डीसी रेट पर की गई थी। उन्हें प्रतिमाह 13 हजार रुपये का मेहनताना मिलता है, मगर पिछले पांच महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसलिए उन्होंने केवल एक दिन का काम नहीं करने का फैसला लिया है।
परेशानी मरीजों की जुबानी
पेट दर्द था, तीन घंटे इंतजार किया, फिर भी नहीं मिली दवा
चरखी दादरी के गांव लाड निवासी शिशराम ने बताया कि वह दिव्यांग है। सुबह 9 बजे पेट के दर्द की शिकायत होने पर अपना चेकअप कराने यहां पहुंचा था। दवा काउंटर पर तीन घंटे से खड़ा है। उसे दवा नहीं मिली। दवा खिड़की पर कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं है।
मजबूरन बाहर से लेनी पड़ी दवा
भिवानी के हनुमान गेट क्षेत्र निवासी दयानंद ने बताया कि वह अपनी पत्नी की जांच कराने यहां आया था। उसने पत्नी की जांच कराने के बाद दवा काउंटर पर ज्यादा भीड़ होने के कारण घर भेज दिया और उसकी दवा लेने यहां लाइन में लग गया। मगर ढाई घंटे से दवा वितरण का काम ठप है। उन्हें अब मजबूरन बाहर से दवाई लेनी पड़ेगी।
अस्पताल अच्छा है, इसलिए यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, किसी भी मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही है। अनुबंधित फार्मासिस्ट ने दवा वितरण नहीं किया तो उन्हें नो वर्क नो पे माना जाएगा।
- डॉ. रघुवीर शाडिल्य, पीएमओ भिवानी जिला सामान्य अस्पताल।