भिवानी। चौधरी बंसीलाल सरकारी अस्पताल में दूध का बूथ प्लांट चलाने वाले एक व्यक्ति पर गांव पालुवास निवासी एक युवक ने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाकर बूथ अलॉट करवाने का आरोप लगाया है। इस बारे में सामान्य अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा गया है।
गांव पालुवास निवासी धर्मबीर डाबला ने आरोप लगाया कि यहां चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल में दूध का बूथ चल रहा है जोकि हर साल एक ही आदमी के नाम अलॉट कर दिया जाता है। बूथ के अलॉटी के सभी कागजात फर्जी हैं और वह नकली कागजात के आधार पर बूथ अलॉट करवा लेता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त व्यक्ति ने 1996 में विकलांग प्रमाण पत्र बनवाया था 25 अक्तूबर को उक्त बूथ का रिन्यू होना है। इसलिए बूथ के मालिक के सर्टिफिकेट दोबारा रिन्यू करवाया जाए। क्योंकि इस बूथ के मालिक ने विकलांग होने के बावजूद ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा रखा है।
बवानी खेड़ा। खंड, जिला के अधिकारियों के लाख प्रयास के बावजूद भी बवानीखेड़ा खंड सक्षम खंड की दौड़ से बाहर हो गया है। 14 सितंबर को बवानीखेड़ा खंड के तहत आने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए सक्षम परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में खंड के 40 सरकारी स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया था।
हाल ही में परीक्षा देने वाले छात्रों का परिणाम घोषित किया गया है। सक्षम खंड योजना में शामिल होने के लिए रखी गई शर्त को यहां के छात्र पूरी नहीं कर पाएं। इसके चलते बवानी खेड़ा खंड को सक्षम खंड का दर्जा नहीं मिल पाया। हालांकि परीक्षा के आयोजन से दो माह पहले खंड शिक्षा अधिकारी संतोष नागर व एसडीएम सतीश कुमार द्वारा खंड को सक्षम योजना के तहत शामिल किए जाने के लिए बहुत प्रयास किए। रोजाना अनेक स्कूलों में जाकर शिक्षकों को टिप्स दिए तो छात्रों को भी अपनी योग्यता को बरकरार रखने की बात कही हालांकि खामियां पाए जाने पर शिक्षकों को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। एसडीएम सतीश कुमार भी पिछले दो माह से लगातार स्कूलों के निरीक्षण पर व्यस्त रहे और कोई कोर कसर नही छोड़ी। छात्रों का परिणाम 80 प्रतिशत तक नहीं पहुंच पाया। इसके चलते बवानीखेड़ा खंड को सक्षम खंड योजना के तहत शामिल होने का मौका नहीं मिल पाया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार तीसरी व पांचवीं कक्षा के बच्चे पेपर कोड के फेर में उलझ कर रह गए। क्योंकि इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्रों की उम्र छोटी होने के चलते वे परीक्षा प्रणाली को अच्छी तरह समझ नहीं पाएं। अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बार फिर दोबारा से इस अभियान को शुरू किया जाएगा और जो भी खामियां उनको भी पूरा किया जाएगा।
चांग। गांव बडेसरा निवासी आईआरबी के जवान 35 वर्षीय सुमित की त्रिपुरा में ड्यूटी के दौरान शनिवार दौरान हदय गति रुकने के कारण मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर को सोमवार को गांव बडेसरा में लाया गया। सुमित के 10 वर्षीय बेटे हर्ष ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बवानीखेड़ा एसएचओ दिलबाग सिंह के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस के जवानों ने हवा में फायर करके सुमित को सलामी दी। उनके अंतिम यात्रा में मनोज फौजी, महेंद्र सिंह, अशोक नंबरदार, जयबीर, राजबीर, दीपक, लीला आदि शामिल हुए।
चांग। जिले के बीएड के प्रोविजनल परिणाम के विद्यार्थी हाईकोर्ट के डबल बैंच से केस जीतने के बाद भी दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है। हरियाणा सरकार के विभिन्न मंत्रियों के पास पिछले दो महीने से चक्कर काट रहे है, इसके बावजूद विद्यार्थियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रविवार को विद्यार्थियों ने अपनी मांग को लेकर वित मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को ज्ञापन सौंपा। वित मंत्री ने विद्यार्थियों की इस समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। नेतृत्व कर रहे पंकज कुमार ने बताया कि माननीय हाईकोर्ट में एक वर्ष केस चलने के बाद डबल बैंच ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया था, उसके बावजूद भी एचएसएससी हमें पीजीटी साइंस के फाइनल परीक्षा परिणाम में शामिल नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द हमारी इस समस्या को दूर करें। ज्ञापन देने वालों में करण, ज्योति, करुणा, अमित, पंकजव निशु शामिल थे।