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पिछले एक महीने में लिए 65 में से 31 सेंपल हुए फेल

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। जनस्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ कर रहा है। दरअसल जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दिनों गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। हालात ये हैं कि पिछले महीनेभर के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने शहर व आसपास के गांवों से 65 सैंपल लिए थे, जिनमें से 31 सैंपलों की रिपोर्ट फेल आई है। कुछ सरकारी विभागों के सैंपल भी फेल आए हैं। यानी सप्लाई हो रहा पानी पीने लायक नहीं है। गंदे पानी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। यह पानी पीने से सबसे ज्यादा लोग पीलिया बीमारी के शिकार हो रहे हैं, जो लापरवाही बरते जाने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है। औसतन 20 से 25 मरीज सामान्य अस्पताल व विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भी 30 फीसदी तक वृद्धि हुई है।
जिलेभर के लोग इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से थोड़ा बहुत पानी सप्लाई भी किया जा रहा है तो वह पीने लायक नहीं है। विभाग इन दिनों काफी क्षेत्र में टैंकरों से पानी सप्लाई कर रहा है। यह पानी भी शुद्धता के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। जनस्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीनेभर के दौरान शहर व आसपास के क्षेत्रों से अलग-अलग 65 सैंपल लिये। इनमें से 31 फेल रहे। यानी शहर के अनेक क्षेत्रों में पानी पीने लायक नहीं पहुंच रहा। स्वास्थ्य विभाग ने फेल सैंपलों की रिपोर्ट जनस्वास्थ्य विभाग को भेजी है।
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पीलिया का कहर, उल्टी-दस्त भी हो रहे घातक
बढ़ती गर्मी और दूषित पानी के कारण जल जनित बीमारियों ने तेजी से पांव पसार लिये हैं। मरीजों की संख्या में एक तिहाई तक वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय है पीलिया जैसी घातक बीमारी। सामान्य अस्पताल में हर रोज चार-पांच केस पीलिया के आ रहे हैं। इसके अलावा औसतन 20 मरीज विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। पीलिया इन दिनों घातक साबित हो रहा है। सामान्य अस्पताल में भी आठ से 10 मरीज पीलिया के भर्ती है। पीलिया ही नहीं उल्टी-दस्त के भी मरीज खूब शिकार हो रहे हैं। सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहले 100 के करीब मरीज फिजिशियन के पास आते थे, मगर पिछले 10-15 दिन से ओपीडी में एक तिहाई की वृद्धि हुई और अब 150 से अधिक मरीज हर रोज पहुंच रहे हैं। इनमें 25 से 30 फीसदी मरीज उल्टी दस्त के होते हैं।
कैंपर का पानी भी घातक
शहर में इन दिनों कैंपर से सप्लाई किए जा रहे पानी की मांग भी काफी बढ़ गई है। औसतन 10 हजार से अधिक कैंपर हर रोज सप्लाई किए जा रहे हैं। मगर कैंपर का पानी भी पीने लायक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच अलग-अलग जगह से कैंपरों के सैंपल लिए जिनमें से तीन फेल रहे। अधिकतर कैंपर सप्लायर पानी को आरओ प्लांट में सिर्फ ठंडा करके सप्लाई कर रहे हैं।
ये रखें सावधानी
* पानी को उबालकर ठंडा करके पीयें
* पानी को शुद्ध करने में लाल दवाई का प्रयोग भी किया जा सकता है
* खाद्य पदार्थों को ढक कर रखें और कटे हुए फलों को न खाएं
* बासी भोजन ना खाएं
वर्जन::::
पानी अनेक जगह दूषित आ रहा है। अलग-अलग जगह से लिये पानी के सैंपलों में से 31 सैंपलों की रिपोर्ट फेल आई है। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है। पानी जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
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-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
वर्जन:::
पीलिया खतरनाक साबित हो रहा है। हर रोज तीन से पांच मरीज पीलिया पीड़ित सामने आ रहे हैं। हमारे नर्सिंग होम में पिछले महीनेभर में करीब 150 पीलिया मरीज आ चुके हैं और फिलहाल भी कुछ मरीज भर्ती है। पीलिया का मुख्य कारण गंदा पानी ही है।
-डॉ. विनोद अंचल, संचालक, अंचल नर्सिंग होम
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