मौलिक शिक्षा निदेशालय ने नियम 134ए के तहत बच्चों के निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला को लेकर बीच में ही पोर्टल बंद कर दिया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में वीरवार को प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र जारी कर इस संबंध में अवगत कराया है। दाखिला पोर्टल अचानक बंद किए जाने पर अभिभावकों ने भी एतराज जताया है। बताया जा रहा है कि सभी निजी स्कूलों ने खाली सीटों की जानकारी नहीं दी, जिस कारण ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी।
प्रदेशभर के करीब 8600 निजी स्कूलों में से केवल 4535 निजी स्कूलों ने ही अपने स्कूलों के अंदर नियम 134ए के तहत खाली सीटों की जानकारी निदेशालय को उपलब्ध कराई है। जबकि निदेशालय ने नियम 134ए का शेडयूल जारी करते हुए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। अब तक प्रदेशभर से 252 विद्यार्थियों के नियम 134ए के तहत मुफ्त दाखिला को लेकर आवेदन भी हो चुके थे कि अचानक पोर्टल बंद कर दी गई। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने 25 फरवरी से 20 मार्च तक दाखिला के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और 12 अप्रैल को असेसमेंट टेस्ट का शेडयूल भी जारी किया था। 20 से 28 अप्रैल को पहले ड्रा के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिले भी किए जाने निर्धारित किए गए थे। इससे पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों से नियम 134ए के तहत दाखिलों के लिए खाली सीटों की वेकेंसी भी मांगी गई थी। जिस संबंध में मौलिक शिक्षा निदेशालय ने दस बिंदुओं पर आधारित सूचनाएं भी निजी स्कूलों से मांगी थी।
सरकार पर हावी हुए निजी स्कूल, नहीं दी सीटों की जानकारी : स्वास्थ्य शिक्षा सहयभोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने आरोप लगाया है कि निजी स्कूल सरकार की नीतियों पर हावी हो रहे हैं। नियम 134ए के तहत दाखिला शेडयूल जारी किया गया और 25 फरवरी से ही पोर्टल चालू कर ऑनलाइन आवेदन जमा कराए गए। बीच में ही पोर्टल बंद करना बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार का हनन करना है।