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किसानों की मेहनत पर बरसे ओले और बारिश, भारी नुकसान की आशंका

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भिवानी। गेहूं की अच्छी फसल होने पर खिले किसानों के चेहरे बुधवार दोपहर हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मुरझा गए। किसानों की मेहनत पर बरसी कुदरत की तबाही ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। किसान नेताओं के मुताबिक कुदरत के कहर से गेहूं की 50 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है, जबकि कृषि अधिकारियों ने 10 से 15 फीसदी नुकसान होने की बात कही है। बताया गया कि क्षेत्र में 10 से 15 एमएम बारिश दर्ज की गई। तोशाम के करीब आधा दर्जन गांवों में ओलावृष्टि हुई। विशेषज्ञों ने वीरवार को भी बारिश की आशंका जताई है।
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मंगलवार के बाद बुधवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर ढाई बजे के बाद मौसम बिगड़ा। करीब तीन बजे लोहारू, सिवानी, बहल, कैरू, तोशाम क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। पहले हलकी तो बाद में तेज बारिश हुई। तोशाम के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। अनाजमंडी, चारा मंडी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बनी मंडियों में भी गेहूं और सरसों भीग गया।
आसमान से ओले देख किसानों की आंखों से गिरे आंसू
तोशाम। क्षेत्र के गांव हसान, साहलेवाला, पटौदी, बुशान, पिंजोखरा, ढ़ाणी सरल व सरल सहित दर्जनभर गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों को नुकसान की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से फसल की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की है। एक ओर ओलावृष्टि हो रही थी और दूसरी तरफ किसान ओलो को देख अरमानों को टूटते देख रो रहा थ। बुधवार को दोपहर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी फसल में काफी नुकसान बताया जा रहा है वहीं कटाई की गई गेहूं की फसल में भी नुकसान हुआ है।
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