भिवानी। लोकसभा चुनावी मैदान में उतरे 17 प्रत्याशियों में से 13 प्रत्याशी तो ऐसे रहे जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले। इन सबकी जमानत ही जब्त हो गई। भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र में शामिल सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में 5,197 लोगों ने नोटा का बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को नापसंद कर दिया। इन चुनावों में जजपा, बसपा के प्रत्याशी ही ऐसे रहे, जिन्हें नोटा से कुछ वोट ही ज्यादा मिले, मगर ये प्रत्याशी भी अपनी जमानत नही बचा पाए।
भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा संसदीय क्षेत्र से 17 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़ा। इनमें राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के प्रत्याशी सुभाष को 4,663 वोट ही मिले। इस प्रत्याशी को महज 0.4 फीसदी वोट ही मिले। इसी तरह निर्दलीय प्रत्याशी हेमंत को 3,866 वोट मिले, जो कुल वोट का महज 0.33 फीसदी रहा। निर्दलीय प्रत्याशी सीमा को महज 2,959 वोट मिले, ये 0.25 फीसदी वोट आंका गया। प्रत्याशी वेदप्रकाश को 1,897 वोट मिले, जो 0.16 फीसदी वोट आंका गया। भारतीय जवान किसान पार्टी के आनंद कुमार को 1,639 वोट मिले, जो महज 0.14 फीसदी रहा।
निर्दलीय उम्मीदवार योगवीर सिंह को 1,472 वोट मिले जो 0.13 फीसदी वोट रहा। निर्दलीय प्रत्याशी वर्षा को 993 वोट मिले, जो महज 0.08 फीसदी रहा। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी बलवान को 854 वोट मिले, जो महज 0.07 फीसदी रहा। कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी रोहताश को 637 वोट मिले जो 0.05 फीसदी रहा। निर्दलीय प्रत्याशी जयसिंह को 442 वोट मिले, जो 0.04 फीसदी रहा। भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रत्याशी भारत भूषण को 440 वोट मिले, जो महज 0.04 रहा। निर्दलीय प्रत्याशी महावीर सिंह यादव को 406 वोट मिले जो 0.03 दर्ज किया गया। निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश को 219 वोट मिले जो 0.02 रहा।
पहले तीन पायदान पर भाजपा, कांग्रेस के अलावा जजपा फिर बसपा को मिला स्थान
लोकसभा चुनाव में भाजपा के खाते में जीत दर्ज हुई वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह 5,41,661 वोट के साथ दूसरे और जजपा प्रत्याशी राव बहादुर सिंह ने 15,070 मत लेकर तीसरा स्थान पाया। बसपा के प्रत्याशी सुनील कुमार शर्मा को 6,236 वोट ही मिले लेकिन फिर भी ये चौथे पायदान पर रहे।
2019 से दोगुने मिले नोटा को मत
अगर किसी मतदाता को कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आता है तो वह नोटा पर बटन दबाकर अन्य प्रत्याशियों को नकार सकता है। वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2024 में 5,197 नोटा पर ज्यादा वोट पड़े थे। वहीं वर्ष 2019 में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा में 2,041 मत पड़े थे। ऐसे में इस बार नोटा की तरफ लोगों का रुझान ज्यादा रहा है।