भिवानी। चंडीगढ़ के यात्री ध्यान दें, बस सिर्फ कैथल, करनाल तक ही जाएंगी। ऐसी घोषणा चंडीगढ़ के लिए निकली रोडवेज बसों में कंडक्टर करते नजर आए। इसी तरह मथुरा जाने वाली बस में सिर्फ दिल्ली तक की ही टिकट दी गई। यात्रियों ने इसका विरोध भी किया लेकिन कंडक्टर का जवाब था कि उच्च अधिकारियों के आदेश है। जिसके कारण लंबे रूट की बसें नहीं चलने से यात्री परेशान रहे। वहीं लोकल रूटों पर भी नियमित रूप से बसें नहीं चलने के कारण दिल्ली, जींद जाने वाले यात्रियों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। प्राइवेट बस चालकों ने इसका खूब फायदा उठाया और बिना रूट वाले रूटों पर भी बसें दौड़ाई। नए प्लान से फैली अव्यवस्था के चलते रोडवेज प्रबंधन ने शाम होते-होते प्लान को बदला और अब बुधवार से सभी लंबे रूट की बसें चलाने का फैसला किया है। इसके लिए ड्राइवर कंडक्टरों को एक दिन ड्यूटी एक दिन छुट्टी का फार्मूला अपनाया जाएगा।
राज्य परिवहन निदेशक के आठ घंटे ही कर्मचारियों से काम लेने के आदेश के बाद व्यवस्था बनाना स्थानीय रोडवेज प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है। सोमवार को बनाया लंबे रूटों में कटौती का प्लान पहले ही दिन फेल हो गया है और दिनभर अव्यवस्था का आलम रहा। चंडीगढ़ वाया जींद जाने वाली बस में कंडक्टर ने ही यात्रियों को बताया कि बस कैथल तक जाएगी। इसी तरह वाया महम, गोहाना, पानीपत, करनाल होकर चंडीगढ़ जाने वाली बस में यात्रियों को बताया गया कि बस करनाल तक ही जाएगी। मथुरा जाने वाली बस में बताया कि बस फरीदाबाद, गुरुग्राम और मथुरा नहीं जाएगी। सिर्फ दिल्ली तक जाएगी। जिस पर यात्रियों ने रोष जताया। मंगलवार को बस स्टैंड में रोडवेज बसों की संख्या कम ही रही, जिस कारण डिपो पर यात्रियों की भारी भीड़ दिनभर लगी रही। शाम चार बजे के बाद तो इक्का-दुक्का ही रोडवेज बसें नजर आ रही थी।
दिल्ली जींद के लिए भी दो घंटे इंतजार
भिवानी डिपो में टाइम से जींद, लोहारू दादरी से बसें नहीं पहुुंची। जिससे यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह 11:40 पर जींद के लिए बस गई थी। जिसके बाद 12:55 तक कोई बस नहीं आई। यात्रियों को परेशानी को देखते हुए एक प्राइवेट बस जींद के लिए रवाना किया गया। दोपहर के समय करीब डेढ़ घंटे तक यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए इंतजार करना पड़ा। दिल्ली की बस लगी तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। भिवानी से जींद के लिए बसे अमूमन 22 चक्कर लगाती है मगर मंगलवार को 12 ही चक्कर लगे।
टिकट के लिए लाइन में लगे रह लोग, बस हो गई फुल
दिल्ली जाने के लिए टिकट लेने के फेर में यात्री एडवांस टिकट विंडो पर लाइन में खड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे तक दिल्ली की बस नहीं आने के कारण लाइन काफी लंबी हो गई। जब बस लगी तो वहां बताया गया कि टिकट बस में ही मिलेगी। ऐसे में डेढ़ घंटे तक लाइन में लगे लोग लाइन में ही लगे रह गए और अन्य ने सीट बुक कर ली। जिस पर विवाद हुआ। कुछ यात्रियों ने रोडवेज कर्मचारियों को देख लेने की धमकी दी तो कुछ ने उच्च अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही।
पूरी टिकट लागैगी, रास्ते में किते रूकै नहीं, बैठना है तो बैठ ल्यो
रोडवेज में बिगड़ी अव्यवस्था का प्राइवेट बस संचालकों ने खूब फायदा उठाया। रूट नहीं होने के बावजूद बसें दौड़ाई। जींद जा रही एक प्राइवेट बस में बैठे यात्रियों को चालक-परिचालक ने कहा कि बस सिर्फ जींद में रुकेगी। पहले का कोई नहीं बैठे। बस में पूरा किराया लगेगा। ना बुजुर्गों का कार्ड चलेगा ना ही अन्य कोई पास। मुंढाल वासी सुरेश, जींद वासी श्यामो देवी, खांड़ाखेड़ी जींद वासी सुमित्रा, नान्नहू राम, अंगूरी देवी ने बताया कि उनके पास कार्ड है। आधा किराया माफ है। फिर भी प्राइवेट बस वाले बोल रहे है कि पूरा किराया दोगे तो ही बस में बैठाएंगे।
आज से चलेगी लंबे रूट की बसें
पहले दिन फ्लॉप रहे लंबी दूरी की बसे नहीं चलाने के प्लान को मंगलवार शाम होते-होते बदला गया। नए प्लान के तहत बुधवार से फिर से लंबे रूट की बसें चलेंगी। यानी बसें चंडीगढ़ भी जाएंगी, मथुरा भी और अजमेर भी। इसके लिए अब एक दिन ड्यूटी एक दिन अवकाश के फार्मूले पर काम होगा। जहां 12 से 14 घंटे का सफर होता है । वहां अगले दिन दो से चार घंटे काम लिया जाएगा। जहां 16 घंटे आवागमन में लगते है वहां चालक परिचालक को अगले दिन रेस्ट दिया जाएगा। लोकल रूटों के बसों के फेरों में कमी का प्लान है। ऐसे में हिसार, दिल्ली, जींद आदि रूटों पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
48 घंटे नहीं, आठ घंटे ही करेंगे काम
कर्मचारी नेता ओमप्रकाश ग्रेवाल, नरेंद्र दिनोद, राज कुमार दलाल, ईश्वर सिंह, अजय कुमार ने बताया कि वे सप्ताह में ही एक ही साप्ताहिक अवकाश चाहते है। ऐसे में सप्ताह में 48 घंटे का फार्मूला उन्हें मंजूर नहीं। वे हर रोज आठ घंटे काम करने को तैयार है। इस बारे में ड्यूटी सेक्शन में भी सूचना दे दी है।
वर्जन::::
लंबे रूट पर बसे नहीं चलने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई है। बुधवार से दोबारा से लंबे रूट की सभी बसें चलेंगी। इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि लंबे रूट पर ड्यूटी देने वाले चालक-परिचालक से एक दिन काम, एक दिन रेस्ट दिया जाए। सप्ताह में 48 घंटे ही काम लिया जाएगा।
जयकिशन, ड्यूटी इंस्पेक्टर
भिवानी रोडवेज डिपो