अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने नकल रोकने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवों के परीक्षा केंद्रों के नाम कट सकते हैं। बोर्ड चेयरमैन ने साफ कहा कि इस बार संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांवों में परीक्षा केंद्र बनवाने हैं तो ग्राम पंचायत केंद्रों पर पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इसके बाद आश्वासन दे कि चोरी नहीं होने देंगे। इसके लिए पंचायतें 31 अगस्त तक बोर्ड में पत्र सौंपे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं में प्रति वर्ष प्रदेशभर में लाखों परीक्षार्थी प्रविष्ठ होते हैं। बोर्ड की ओर से प्रदेशभर में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। इनमें काफी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र थे। बोर्ड प्रशासन ने अब नकल के सिस्टम को खत्म करने के लिए इनमें से काफी परीक्षा केंद्रों को खत्म करने की तैयारी कर ली है ताकि नकल को रोका जा सके।
इस कड़ी में सबसे पहले निर्णय लिया गया कि है कि इन संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर संबंधित ग्राम पंचायतें सीसीटीवी कैमरे लगवाए और 31 अगस्त तक बोर्ड में पत्र दे कि वे नकल नहीं होने देंगे तो वहां बोर्ड प्रशासन अपने स्तर पर जांच करवा परीक्षा केंद्र बनवा सकता है।
पिछले वर्ष कुछ ग्राम पंचायतें नकल रोकने को आई थी आगे
पिछले दो वर्षों में कुछ ग्राम पंचायतें भी नकल रोकने को आगे आई है। धनाना में महिला सरपंच ने गांव की महिलाओं के साथ नकल रोकने का बीड़ा उठाया था। बामला गांव में भी ग्राम पंचायत नकल रोकने को आगे आई थी। इसी तरह कुछ और गांवों में भी नकल रोकने के लिए ग्राम पंचायत आगे आई थी।
वर्जन:::
नकल रहित परीक्षाएं उनकी प्राथमिकता है। इस बार संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों वाले गांवों की पंचायतें सीसीटीवी कैमरे लगवाकर 31 अगस्त तक बोर्ड में नकल नहीं होने देने के लिए लिखकर देंगी तो ही जांच करवाकर वहां परीक्षा केंद्र बनवाए जाएंगे।
-डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड