अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
सामान्य अस्पताल में मरीज गंदी चद्दरों पर सोने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि खून से सनी होने के बावजूद मरीज उन्हीं चद्दरों पर लेटने को मजबूर हैं। कुछ मरीज तो इस परेशानी को देखते हुए अपने घर से चद्दर लाने लगे हैं। इन गंदी चद्दरों के कारण मरीजों में इन्फेक्शन फैलने का खतरा बन गया है। दरअसल ठेकेदार का पिछला कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो चुका है और नया काम अभी शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में चद्दरों की धुलाई का काम भी लगभग ठप है। सिर्फ ऑपरेशन थियेटर की चद्दरें ही वैकल्पिक व्यवस्था कर धुलवाई जा रही हैं।
भिवानी का सामान्य अस्पताल करीब 300 बेड का है। वर्तमान में हालात ये हैं कि 300 बेड पर करीब 400 से अधिक मरीज भर्ती हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो मरीजों को शिफ्ट किया गया है। इसी तरह इमरजेंसी में भी कई बेडों पर दो-दो मरीज हैं। अन्य वार्डों में भी कई बेड ऐसे देखे जा सकते हैं जहां दो-दो मरीज हैं।
31 मई को पिछले ठेकेदार का ठेका खत्म होने से अस्पताल के लगभग सभी काम सफाई व अन्य ठप से हो गए हैं। चद्दरों की धुलाई नहीं हो रही है। इस कारण अब चद्दरें बदली भी नहीं जा रही हैं। वार्डों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। हालात ये है कि गंदी चद्दरों पर ही मरीज लेटने को मजबूर हैं।
सिर्फ ऑपरेशन थियेटर की चद्दरों की हो रही धुलाई
- सामान्य अस्पताल में ठेका खत्म हो चुका है और नया ठेका कुछ कागजी प्रक्रिया में उलझा है। ऐसे में पहले के सभी कर्मचारी काम छोड़ चुके हैं। कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जो इस लालच में काम में जुटे हैं कि पिछले ठेकेदार को ही दोबारा से ठेका मिल गया है और शायद वह उन्हें दोबारा भी रख लें। लांड्री में भी एक-दो कर्मचारी चद्दरें धो रहे हैं। मगर ये सिर्फ ऑपरेशन थियेटर का ही काम चला पा रहे हैं।
ये हैं नियम
* स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार चद्दरें हर रोज बदली जाएंगी
* हर रोज अलग-अलग रंग की चद्दरें होंगी
* पुरानी मैली या चद्दरें नहीं बदलने पर कर्मचारी पर कार्रवाई होगी
* मरीजों को किसी तरह के इंफेक्शन से बचाना प्राथमिकता है, ऐसे में चद्दरों का बदलना व सफाई बेहद जरूरी
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मरीजों को हो रही परेशानी
दो दिन से एडमिट हैं। यहां चद्दरें काफी गंदी हैं। कहने के बावजूद इनको नहीं बदला जा रहा है जिस कारण यहां रहना बेहद मुश्किल है। दुर्गंध भी परेशानी बनी है।
-अजय, मरीज के परिजन, पूर्णपुरा गांव
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यहां दो दिन से भर्ती हूं। चद्दर नहीं बदली जा रही, जिस कारण यहां इन्फेक्शन का खतरा बना हुआ है। इस बारे में स्टाफ सदस्यों से बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है और शौचालयों की दुर्गंध के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है।
-महाबीर, मरीज, बड़सी गांव
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शूगर की मरीज हूं और यहां भर्ती तो हुए मगर सुविधाएं कुछ भी नहीं है। गंदी चद्दर पर लेटा दिया गया है। अब घर से चद्दर मंगवाई है। सफाई व्यवस्था तो बिल्कुल जीरो है।
-कैलाशों देवी, मरीज
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ठेकेदार ने ठेका लेने के बाद अभी काम शुरू नहीं किया है। जल्द ही काम शुरू कर देगा तो सफाई संबंधित समस्या खत्म हो जाएंगी। धोबियों की नियुक्ति भी ठेकेदार की ही जिम्मेवारी है। फिलहाल ऑपरेशन थियेटर और इमरजेंसी की तो चद्दरों को किसी तरह धुलवाया जा रहा है। जल्द ही बेहतर व्यवस्था बनवाई जाएगी।
-डॉ. कृष्ण कुमार, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सामान्य अस्पताल
ठेकेदार को अभी वर्क ऑर्डर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों में ठेका खत्म होने से परेशानी थी, मगर जल्द ही सारी व्यवस्थाएं ठीक हो जाएंगी।
-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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