रूबेला और खसरा रोग की रोकथाम के लिए चार लाख बच्चों का होगा टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
जिले में रूबेला और खसरा की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान को लेकर सिविल सर्जन डॉ. रणदीप सिंह पूनिया की अध्यक्षता में शहर के निजी रेस्तरां में सोमवार सुबह चिकित्सा अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी के डॉक्टरों उपस्थित रहे। बैठक में खसरा व रूबेला बीमारियों की रोकथाम की समीक्षा की गई। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. धीरेन्द्र त्यागी ने बताया कि खसरा व रुबेला से भारत में एक वर्ष में लगभग 50 हजार मौत हो जाती हैं। रुबेला की बीमारी गर्भवती महिला के प्रथम तिमाही में ज्यादातर होती है, जिसके कारण पैदा होने वाले बच्चे के दिल में छेद, बहरापन और जन्मजात बीमारी होने के ज्यादा कारण होते हैं।
सिविल सर्जन डॉ. पूनिया ने बताया कि जिला भिवानी में टीकाकरण अभियान में लगभग चार लाख बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण अभियान डेढ़ माह तक चलाया जाएगा। चूंकि इस बीमारी से मरने वालों की 95 प्रतिशत संख्या 15 वर्ष तक के बच्चों में पाई गई है तो इस अभियान में नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विवेक गेरा ने बताया कि 13 राज्य में यह प्रोग्राम चलाया जा चुका है। हरियाणा में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में शुरू किया जाएगा और अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में सभी स्कूलों में, दूसरे सप्ताह में ईंट भट्ठे व हाई रिस्क एरिया में चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आखिरी सप्ताह में जो बच्चे रह जाएंगे, उनको टीके लगाए जाएंगे। बैठक में उप सिविल सर्जन डॉ. यतिन गुप्ता, नोडल अधिकारी डॉ. पंकज चौधरी, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. डीके आहुजा, डॉ. विकास गुप्ता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विकास आर्य, अर्बन हेल्थ कंसलटेंट सतपाल व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।