अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने और संपूर्ण कर्जा मुक्ति अभियान के लिए एक से 10 जून तक चल रहे गांव बंद अभियान को लेकर अलख मिल्क यूनियन के बैनर तले पंचायत हुई। पंचायत में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर अभियान को कामयाब बनाने का संकल्प लिया।
शनिवार को आयोजित पंचायत में भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकार की गलत नीतियों से किसान दर-दर की ठोकरें खाने को विवश है। सरकार व देश को किसान की महत्वता बताने के लिए एक से दस जून तक पूरे देश के किसान दूध, सब्जियां व अन्य खाद्य उत्पाद ना तो शहर में देंगे और ना ही शहर से कोई सामान खरीदेंगे। किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि सरकार दूध व सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करें। पंचायत में अलख मिल्क यूनियन के सदस्यों ने आंदोलन में अपना साथ देने की घोषणा की।
पंचायत में यह भी फैसला लिया कि रविवार को बहल के रामलीला मैदान में क्षेत्र के सभी दूध विक्रेता और किसान भाकियू के नेतृत्व में पंचायत करेंगे। पंचायत के बाद पूरे बहल में प्रदर्शन किया जाएगा और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों को निशुल्क दूध वितरित करेंगे। पंचायत में भाकियू नेता विकास खीचड़, नंदू बीरान, किसान मोचाऱ, सचिव अनिल सोरड़ा, देबू बीरान, नरसी मित्तल, सुखबीर पातवान, सुशील बालान, कृष्ण सिरसी, शमशेर सांगवान, विनोद बहल ढ़ाणी, रमेश बीरान, कुलदीप सांगवान, राजबीर भाकरा, राजेश नेता ढ़ाणी, सुरेन्द्र बीरान, नवीन जाखड़, सतीश सोरड़ा, संदीप रामपुरा, गोविंद बहल, जगु सुरपुरा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। पंचायत की अध्यक्षता उपप्रधान दिनेश बीरान व संजय जाखड़ ने संयुक्त रूप से की। संचालन प्रधान सोमवीर महला ने किया।