ई-प्रणाली के विरोध में उतरे सरपंच व ग्राम सचिवों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बवानीखेड़ा।
खंड के सरपंचों ने ई-प्रणाली के विरोध में बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अन्य मांगों को लेकर भी रोष जताया और प्रदेश सरकार से शीघ्र ही ई-प्रणाली को बंद करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग भी की गई।
सोमवार को सरपंच प्रधान राजेश यादव के नेतृत्व में खंड बवानीखेड़ा के सरपंच एकत्रित हुए और एक घंटे तक ग्राम सचिव तथा सरपंचों के बीच बैठक हुई। इसके बाद उन्होंने हरियाण सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बीडीपीओ कार्यालय के समक्ष हंगामा किया।
सरपंच सुरेश रंगा, प्रतिनिधि सतबीर श्योराण, सुनील बडसी सरपंच प्रतिनिधि बडसी जाटान, हरनाम सीपर सरपंच प्रतिनिधि, काला राम आदि ने बताया एक अप्रैल से हरियाणा सरकार ई-प्रणाली को लागू कर रही है, जिसके तहत सभी प्रकार की राशि सरपंचों की बजाए ठेकेदारों के खातों जाएगी। ऐसे में ई-प्रणाली होने के बाद सारे कार्य रूक जाएंगे। इसके लिए सरकार ने न तो कम्प्यूटर खरीद कर दिए हैं और न ही कोई व्यवस्था की है। उन्होंने सरकार से ई-प्रणाली को बंद करने, मानदेय बढ़ाने, बीपीएल कार्ड का सर्वे करवाने, गरीबों को मिलने वाले प्लॉटों का दायरा बढ़ाने, मंत्रियों तथा विधायकों की भांति पेंशन और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर लेकर बवानी खेड़ा के सरपंचों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्राम सचिवों ने सरपंचों का साथ देते हुए साइकिल भत्ता 20 रुपये से 5 हजार प्रति माह करने की मांग उठाई। वहीं ग्राम सचिव रोहताश गोयत, नवीन गायेत, भूपेंद्र कुमार, अमित हुड्डा, मोनू कुमार, सत्यवान ने बताया कि उन्हें केवल 20 रुपये मिलते है, परंतु उन्हे छोटे-छोटे कामों के लिए फील्ड में रहना पड़ता है। उनका भत्ता कम से कम 5 हजार प्रतिमास होना चाहिए।