शौचालयों के दरवाजे बंद करने का नहीं कोई ऑप्शन, वॉश बेसिन से नल नदारद
भिवानी। बीमार लोगों को ठीक करने वाला जिले का नागरिक अस्पताल खुद ही बीमार हो गया है। जिला अस्पताल की हालत यह है यहां के शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं और बंद करने के लिए कुंडी भी नहीं है। वॉश बेसिन तो हैं लेकिन नल नदारद हैं। हैरत की बात यह है कि वार्ड में महिलाओं और पुरुषों का एक ही शौचालय है।
चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल में साफ-सफाई के इंतजाम तो ठीक है लेकिन वार्ड नंबर चार के शौचालय की हालत बहुत ही खराब हैं। शौचालय में गेट तक नहीं लगे हुए हैं। अगर दरवाजे हैं तो गेट को बंद करने के लिए कुंडी की जगह पर रस्सी लटक रही है। अस्पताल में दाखिल हुए मरीजों को भी इन सभी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन कर्मचारियों के द्वारा इन कमियों को दूर करने के लिए किसी तरह का कार्य नहीं किया जा रहा है।
नल से बहता रहता है पूरा दिन पानी
एक तरफ तो पानी बचाओ अभियान चलाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रशासन के सामान्य अस्पताल में पानी की व्यवस्था को देखकर सोचने पर मजबूर होना पड़ता है। वार्ड नंबर चार के शौचालय में नल तो हैं, लेकिन बंद करने का कोई ऑप्शन नहीं है। नलों से पूरा दिन पानी बहता रहता है।
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अकेली शौचालय नहीं जा सकती महिला
दरवाजों में कुंडी तो दूर की बात प्लाई तक नहीं लगी है। दरवाजों की स्थिति खराब होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। शौचालय के लिए आई मरीज महिलाओं को इसकी विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। अकेेली महिला शौचालय नहीं जा सकती है।
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वॉश बेसिन में नल नदारद
शौचालय मे वॉश बेसिन तो लगाया गया है लेकिन न नल है और न ही कनेक्शन। जिसके कारण शौचालय में आए हुए लोगों को हाथ धोने के लिए बोतल का उपयोग करना पड़ता है।