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हड़ताल पर रहे एनएचएम कर्मचारी, प्रभावित हुई अनेक स्वास्थ्य सेवाएं

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हड़ताल पर रहे एनएचएम कर्मचारी, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिले भर में तैनात एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका बुरा असर देखने को मिला। वहीं हड़ताली कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। एनएचएम के तहत लगे सभी कर्मचारियों को पक्का किए जाने और पक्का नहीं करने तक जॉब सिक्योरिटी देने की मांग कर रहे हैं।
हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान प्रदीप कुमार, उपप्रधान मंजू रानी और सुधीर भारद्वाज ने कहा कि प्रदेशभर में करीबन साढ़े 13 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों की एनएचएम के तहत नियुक्ति की हुई है। कई कर्मचारी तो पिछले 20 सालों से सेवाएं देते आ रहे हैं, जबकि पिछले पांच सालों से स्वास्थ्य विभाग में कोई भी नियमित भर्ती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर सभी विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों को मांग पत्र भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा सरकार के साथ साथ स्वास्थ्य मंत्री से भी गुहार लगा चुके हैं। हड़ताल से पहले एनएचएम कर्मचारियों ने रोष स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम किया। इसके बावजूद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी। उन्होंने कहा कि 5 और 6 फरवरी को दो दिवसीय हड़ताल हैं। अगर इसके बावजूद कर्मचारियों की जायज मांगे नहीं मानी गई तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल करने पर मजबूर हो जाएंगे। धरने पर सुनीता देवी, कोमल, धर्मेंद्र, उमेद सिंह, सुधीर भारद्वाज, प्रदीप मान, नितिन कुमार, पुष्पा, मंजू, सुनीता, रेखा, राजबाला, मुस्कान, सुरेंद्र, मंजीत, सेानिकया, सुक्रिया, रेखा, शिक्षा, गुलाब सिंह, पंकज, सविता सहित जिले भर से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
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ये सेवाएं हुईं प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग में जिलेभर में करीबन 150 से अधिक एनएचएम के तहत कर्मचारियों की नियुक्ति की गई हैं। इसमें डॉक्टर्स से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल में करीबन 30 डॉक्टरों के अलावा स्टाफ नर्स, एएनएम सहित तकनीशियन और 90 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हुए। जिनकी वजह से जच्चा बच्चा वार्ड, नीकू वार्ड, ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी व सीएचसी में चल रही डिलिवरी हट की सेवाएं प्रभावित हुईं। इसके अलावा जन्म मृत्यु पंजीकरण, दवा वितरण, ओपीडी में भी स्वास्थ्य सेवाओं का हड़ताल का असर पड़ा।
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