भिवानी। सामान्य अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग छात्रावास में मंगलवार दोपहर को छत का मलबा गिर गया। मलबा गिरने के दौरान वहां पर छात्राएं न होने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। मलबा गिरने से हॉस्टल में हड़कंप मच गया। वहीं, सुबह-सुबह ऑपरेेशन थियेटर में भी छत का मलबा गिरा मगर गनीमत रही कि यहां भी किसी को चोट नहीं आई।
मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे हॉस्टल की पहली मंजिल पर एएनएम विभाग के एक कमरे के बाहर छज्जे का मलबा गिर गया। इस कमरे में एएनएम का कोर्स करने वाली दो छात्राएं रहती है। गनीमत ये रही कि घटना के समय छात्राएं मैस में खाना खाने के लिए गई हुई थी। छत का मलबा इतना ज्यादा गिरा कि अगर इस दौरान कोई छात्रा वहां होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हॉस्टल के एएनएम विभाग की इंचार्ज महेंद्र कौर ने बताया कि हॉस्टल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। इसको लेकर कई बार सिविल सर्जन व प्रधान चिकित्सा अधिकारी को सूचित कर चुुके हैं। उन्होंने हॉस्टल की बिल्डिंग का निरीक्षण भी किया था और इसका एस्टिमेट बनवाकर भी भेज रखा है। मलबा गिरने के दौरान छात्राएं कमरे में नहीं थी, जिस कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। इस संबंध में आज फिर से सिविल सर्जन व प्रधान चिकित्सा अधिकारी को लिखित में सूचना दे दी है।
पहली मंजिल पर रहती हैं एएनएम की छात्राएं
नर्सिंग हॉस्टल में पहली मंजिल पर एएनएम का कोर्स कर रही 25 छात्राएं रहती है। हॉस्टल की बिल्डिंग इतनी जर्जर है कि कभी भी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ सकता है। हॉस्टल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर जीएमएम की 54 छात्राएं पढ़ाई करती हैं। इनमें पहले वर्ष की 15, दूसरे वर्ष की 19 और तीसरे वर्ष की 20 छात्राएं है। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो बिल्डिंग की हालत को देखते हुए ऐसे हादसों की पुर्नावृति होती रहेगी।
ऑपरेशन थियेटर में भी गिरा मलबा
ऑपरेशन थियेटर में भी एंट्री करने के तुरंत बाद की छत का मलबा मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे गिर गया। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई चिकित्सक या अन्य स्टाफ सदस्य नहीं गुजर रहा था। यह पता लगने के बाद कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने मलबा गिरने वाले स्थान की फालसीलिंग हटवाई और देखा कि कहां-कहां मलबा गिरने की संभावना है।
सामान्य अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में छत का मलबा गिरा है। इसके रिपेयरिंग के लिए प्रपोजल बनाया जा रहा है। नर्सिंग हॉस्टल में भी एक कमरे में मलबा गिरा है। हॉस्टल का पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से निरीक्षण करवाया था और वहां का करीब दो करोड़ 21 लाख का प्रपोजल बनाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा हुआ है। मंजूरी मिलते ही पूरे हॉस्टल को रिपेयर करवाया जाएगा।
- डॉ. कृष्ण कुमार, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी।