भिवानी। किसानों की सरसों की फसल अब कटाई पर आ गई है। इससे पहले मंडियों में सरसों की खरीद का शेड्यूल और व्यवस्था बनाने में अधिकारी जुटे हैं। हालांकि 28 मार्च के बाद ही सरसों की खरीद का शेड्यूल आने की संभावना है। वहीं जिले में इस बार भी खुली मंडियों में ही किसानों की सरसों खरीद होगी। इसके लिए 11 मंडियों का निर्धारण किया जा चुका है। सरसों का इस समय मार्केट भाव करीब 5,200 प्रति क्विंटल है। जबकि इस बार सरसों की सरकारी खरीद 5,650 रुपये के एमएसपी पर होगी। जिससे सरकार की खरीद में ही अधिकांश सरसों की खपत होगी। अभी से किसान भी सरसों की खरीद का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि मंडियों में मार्च के अंत तक सरसों की आवक भी शुरू हो जाएगी। गेहूं की खरीद का शेडयूल अप्रैल में आएगा। सरकारी खरीद एजेंसियां गोदामों और बारदाने का इंतजाम करने में भी जुटी हैं।
भिवानी जिले में साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर रबी सीजन की फसल खड़ी है। इसमें सबसे अधिक करीब सवा तीन लाख एकड़ में सरसों की फसल है। इसी तरह करीब तीन लाख एकड़ में गेहूं है। जिले के 75,000 से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन भी मेरी फसल मेरा ब्योरा पर किया जाना है। इसमें अधिकतर किसान अपना रजिस्ट्रेशन भी करा चुके हैं। ओलावृष्टि की मार झेलने के बाद किसान अब पकाव की ओर बढ़ रही फसल की कटाई की तैयारी में हैं। किसानों की सरसों की खरीद वेयर हाउस और हैफेड के माध्यम से खरीद होगी। इसका शेड्यूल आना अभी बाकी है।
शेड्यूल निर्धारित होने के बाद ही खरीद एजेंसियां निर्धारित मंडियों में किसानों की एमएसपी पर फसल खरीद करेंगी। हालांकि अभी तक भावांतर को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। न ही इस संबंध में अधिकारियों को कोई निर्देश हैं। भावांतर का लाभ किसानों को उस स्थिति में मिलता है जब किसानों की फसल सरकार न खरीद कर उन्हें प्राइवेट परचेज में शामिल करती है। मगर यहां तो अभी तक सरसों की सरकारी खरीद का ही अनुमान है।
फिर बिगड़ रहे मौसम के तेवर, किसानों की बढ़ी चिंता
बुधवार से फिर से मौसम ने अपने तेवर बदल लिए हैं। इससे किसानों की चिंता भी फिर से बढ़ गई है। किसानों की फसल पकने वाली है और किसान भी कटाई की तैयारी कर रहे हैं। इस समय मौसम बिगड़ता है और ओलावृष्टि होती है तो किसानों की सरसों की फली झड़ जाएंगी और किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। फिलहाल तो इसी माह हुई ओलावृष्टि के नुकसान की कोई भरपाई नहीं हुई है। किसानों से नुकसान भरपाई के लिए पोर्टल पर आवेदन मांगे थे, मगर अभी तक कितने किसान इसके लिए आवेदन कर पाए हैं, यह भी पोर्टल पर पता नहीं चला है।
ये हैं जिले में सरसों के लिए निर्धारित मंडी
भिवानी जिले में सरसों की खरीद के लिए 11 मंडियां निर्धारित हैं, इनमें भिवानी, सिवानी, तोशाम, लोहारू, बहल, ढिगावा मंडी, जूई मंडी, धनाना मंडी, बवानीखेड़ा मंडी, कैरू मंडी, चांग मंडी शामिल हैं। जबकि गेहूं की सरकारी खरीद भी इन्हीं मंडियों में होनी है। जिला मुख्यालय की मंडी को छोड़कर अधिकांश में ओपन प्लेटफार्म हैं, जहां किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे ही रहेगी। जिस पर मौसम की मार की संभावना भी बनी है।
मंडियों में किसानों की फसल खरीद की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सरसों की खरीद एजेंसी को करनी है, जिसका अभी शेड्यूल नहीं आया है। किसानों के लिए मंडियों में जरूरी इंतजाम रहेंगे। आढ़तियों को भी मौसम से बचाव के लिए पर्याप्त प्रबंधों की हिदायतें दी जा चुकी हैं। -श्याम सुंदर, डीएमईओ, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
अभी तक हमारे पास सरसों खरीद का कोई शेड्यूल नहीं आया है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक शेड्यूल आने की संभावना है। जैसे ही शेड्यूल आएगा, मंडियों में निर्धारित मानकों के हिसाब से खरीद शुरू कराई जाएगी। - संदीप पूनिया, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।