बवानी खेड़ा। करीब 14 वर्षों बाद किसान एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर हलका विधायक वाल्मीकि ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन चालक व स्टेशन मास्टर का स्वागत किया और रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तत्पश्चात उन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपस्थिजनों को संबोधित किया। मंच संचालन समाजसेवी सुभाष शर्मा ने किया। विधायक नेे कहा कि लोगों की काफी मांग थी कि किसान एक्सप्रेस का ठहराव करवाया जाए। जिसको लेेकर 18 दिसंबर 2016 को तिगड़ाना में हुई मुख्यमंत्री की रैली में उन्होंने किसान एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था, जिसे उन्होंने रेलवे मंत्री को लिखकर इसके रुकवाने की मांग की थी। रेलवे मंत्री ने इस पर अमल करते हुए किसान एक्सप्रेस के ठहराव के आदेश जारी कर दिए। विधायक ने कहा कि विरोधी दलों ने इस पर राजनीतिक खेल भी खेला। उपस्थित कस्बावासियों ने विधायक को बंद रेलवे फाटक 65सी पर अंडर ब्रिज बनवाने वे रेलवे स्टेशन से पुराना कमेटी रोड को बनवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। जिसे विधायक ने जल्द ही कार्य करवाने का आश्वासन दिया। वहीं लोगों की मांग थी कि बवानी खेड़ा को उपमंडल का दर्जा दिया जाए। जिस पर विधायक ने कहा कि जल्द ही वे बवानी खेड़ा को खुशखबरी देंगें और मुख्यमंत्री इस बारे में घोषणा कर बवानी खेड़ा को उपमंडल का दर्जा देंगे।
वहीं रेलवे से सेवानिवृत अधिकारी आरसी चौहान, दैनिक यात्री संघ संचालक महावीर डालमिया ने बताया कि सभी के सहयोग से किसान एक्सप्रेस का ठहराव हुआ है। इसे नियमित रखना है तो टिकटों की संख्या में इजाफा लाना होगा। क्योंकि विभाग को करोड़ों रुपयों की लागत से बने कोच को एक स्टेशन पर ठहराव में 3000 रुपये से अधिक वहन करना पड़ता है। 14 वर्ष पूर्व की बात मानें तो उस समय 2 टिकटों की औसत आती थी जिससे विभाग को घाटा होता था। अब छह महीनों का ट्रायल लिया जाएगा। यदि टिकटों की संख्या में इजाफा नहीं होता और यह घाटे में जाता है तो पहले जैसी स्थिति फिर बन सकती है। इस अवसर पर सुभाष शर्मा, नपा चेयरपर्सन प्रतिनिधि हरजीत ओड, पार्षद रामगोपाल सैनी, जगदंबा महता, बच्चन सिंह, सुरेश ओड, प्रेमपाल, नवीन गक्खड, उमेश भारद्वाज, सुंदर अत्री, वेदपाल और बनवारीलाल आदि मौजूद रहे।