देशभर में सबसे प्रदूषित शहर फिर से बहादुरगढ़ हो गया है। रविवार को बहादुरगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 419 पहुंच गया, जो कि गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इसके अतिरिक्त भिवानी का 317, फतेहाबाद का 309, गुरुग्राम का 301 और सोनीपत का एक्यूआई 369 है।
इसके अलावा अंबाला का 294, बल्लभगढ़ का 219, चरखी दादरी का 282, धारूहेड़ा का 261, फरीदाबाद का 257, जींद का 273, कुरुक्षेत्र का 207, मानेसर का 260, नारनौल का 259, रोहतक का 246 और यमुनानगर का एक्यूआई 244 दर्ज किया गया।
हरियाणा में रविवार को पराली जलाने के रिकॉर्ड 47 मामले आए हैं। इससे पहले इस सीजन में पराली जलने के एक साथ इतने केस नहीं आए जींद में पराली जलाने के 15 मामले सामने आए हैं। यहां पुलिस विभाग ने और सख्ती करते हुए 10 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने व पराली जलने से रोकने में नाकाम रहने पर उचाना थाने से दो, सदर थाना नरवाना से दो, गढ़ी थाने से दो और नगूरां चौकी से चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। रविवार को जिले में पराली जलाने वाले तीन किसानों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। हालांकि, इनमें से कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो आगजनी के वक्त अपने क्षेत्र में न होकर प्रदेश से बाहर ड्यूटी पर गए थे।
प्रदेश में अब पराली जलने के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 563 हो गई है। हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार, रविवार को रोहतक में 8, सोनीपत में 7, हिसार में 6, फतेहाबाद और सिरसा में 4-4 मामले सामने आए। भिवानी, चरखी दादरी और झज्जर में भी 1-1 मामला सामने आया है। 15 सितंबर से अभी तक जींद में 167, फतेहाबाद में 82, हिसार में 63, कैथल में 56, सोनीपत में 51, रोहतक में 36 और सिरसा में 30 मामले सामने आ चुके हैं।
212 किसानों पर एफआईआर
पराली जलाने के मामले में लापरवाही को लेकर अभी तक 302 नोडल अधिकारियों-सुपरवाइजर अधिकारियों को नोटिस दिए गए हैं। 212 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी जमीन की रेड एंट्री दर्ज की जा चुकी है। अभी तक 11.35 लाख रुपये का किसानों पर जुर्माना लगाया जा चुका है जिसमें से 7.45 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।
रोहतक में पांचवीं तक स्कूल बंद, कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी
रोहतक में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण जिला प्रशासन ने पांचवीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। इनकी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। इससे पहले जींद में भी स्कूल बंद किए जा चुके हैं।