उपमंडल के गांव लौटों के युवक को अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर में अफ्रीकन मूल के लोगों द्वारा गोलियों से भूनने के मामले में अभी तक परिजनों को अमेरिका की ओर से शव मिलने में काफी दिक्कत आ रही है। उधर, राज्यमंत्री नायब सैनी ने भी पीड़ित के घर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
सैनी ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार ने जसविंद्र के शव को अमेरिका से भारत लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, जल्द ही तमाम औपचारिकताएं पूरी कराकर जल्द ही शव को भारत लाया जाएगा। मगर दूसरी ओर, जसविंद्र के घर पर हालात बहुत ज्यादा खराब है। वीरवार को भी बेटे के शव के इंतजार में पिता, माता और बहन का बुरा हाल है और वे सदमे से नहीं उभर पा रहे हैं।
मां बौर बहन बार-बार बस यही दोहराई जा रही है कि उन्हें उनका बेटा व भाई ला दो। जबकि पूर्व सैनिक पिता भी सदमे से बाहर नहीं आ रहे हैं। जसविंद्र का भाई बबल ही पूरे परिवार को रोते बिलखते ढांढस बांध रहा है। वीरवार को राज्यमंत्री नायब सैनी ने भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनका हालचाल पूछा और अमेरिका के बाल्टीमोर शहर में हुई घटना की पूरी जानकारी ली। परिजनों ने नायब सैनी से भी यही गुहार लगाई है कि अब जैसे भी हो जल्द से जल्द जसविंद्र का शव उन तक पहुंचा दिया जाए।
यह था मामला
जसविंद्र बाल्टीमोर शहर में पिज्जा डिलीवरी का काम करता था। वहीं जब वे पिज्जा डिलीवरी के लिए जा रहा था तो कुछ अफ्रीकन मूल के लुटेरों ने उसकी हत्या कर दी और लूटपाट की। जसविंद्र को छह गोलियां लगी, जिसमें से एक गोली उसके दिल में लगी। वहीं जसविंद्र की हत्या हो गई। वह चार साल अंबाला से अमेरिका गया था और अब वहां उसका ग्रीन कार्ड दिए जाने का काम भी प्रक्रिया में था। उधर, अमेरिका का स्थानीय प्रशासन अभी तक पुलिस जांच की वजह से जसविंद्र का डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रही है। जिस वजह से जसविंद्र का शव भारत लाने में देरी हो रही है।