छावनी के न्यू टैगोर गार्डन के पास खाना बांटते हुए शाहपुर गांव के युवा। संवाद
अंबाला। टांगरी बांध किनारे जहां एक तरफ लोग घरों से कीचड़ और गाद निकालने के लिए जुटे रहे, वहीं वो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का भी इंतजार करते रहे ताकि उनके खाने-पीने की व्यवस्था हो सके, लेकिन रविवार दोपहर न तो प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई भोजन आदि की व्यवस्था की गई और न ही जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई व्यवस्था की गई है। जब इस परेशानी की जानकारी शाहपुर गांव के युवाओं के पास पहुंची तो उन्होंने कुछ ही समय में अपने खर्च पर लंगर तैयार करवाया और वह टांगरी बांध किनारे पहुंच गए। लंगर वितरण के दौरान गांव निवासी करमवीर सिंह व साथियों ने बताया कि लोगों को सब्जी, रोटियां और पानी की बोतलें वितरित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि वह दो चक्कर काट चुके हैं और अधिकांश बाढ़ पीड़ितों तक खाना पहुंचा चुके हैं। इस कार्य की चौतरफा प्रशंसा हो रही है कि जो काम जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर पाए, वो काम गांव के युवाओं ने करके बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम किया है।