अंबाला। ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांतिधाम अंबाला कैंट में अंतरराष्ट्रीय मातृशक्ति दिवस थीम मूल्यनिष्ट परिवार के लिए माताओं का योगदान कार्यक्रम हुआ। इसमें लगभग 500 से अधिक महिलाओं ने उपस्थिति दिखाकर मातृशक्ति को फिर से जगाने का कार्य किया। कार्यक्रम में मंच संचालन कर रही राजयोगिनी बीके प्रीति बहन ने अंबाला की मातृशक्ति का कार्यक्रम में आने पर स्वागत व अभिनंदन किया।
उन्होंने बताया कि इस संसार को सुचारु रूप से चलाने के लिए माताओं का सबसे बड़ा योगदान होता है इसलिए इस कार्यक्रम के द्वारा हम अपनी खोई हुई शक्तियों को फिर से जगाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत बीके किरण के मुख से कोमल है कमजोर नहीं तू शक्ति का नाम नारी है गीत से हुई। कार्यक्रम की शोभा को आगे बढ़ाते हुए कुमारी प्रिया व कुमारी स्नेहा द्वारा एक प्रतियोगिता रखी गई जिसमें नाटक द्वारा बताया गया कि आज तक का इतिहास उठाकर देखते हैं तो जो भी महान विभूतियां चाहे वे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम, सरदार भगत सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभभाई पटेल या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, इनके जीवन में कामयाबी का श्रेय भी उनकी मां को जाता है।