नगर परिषद के एक्सईएन हरीश कुमार को काम में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। अर्बन लोकल बॉडी डिपार्टमेंट की ओर से जारी निर्देशों के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। बताया जाता है कि हरीश कुमार कोरोना संक्रमित होने के बाद 6 दिसंबर से ही छुट्टी पर चल रहे थे कि सस्पेंड के ऑर्डर आ गए। विभाग के मुताबिक नगर परिषद के बाहर अंबाला-जगाधरी हाईवे के बीच में आने वाली 20 दुकानों के मामले में लापरवाही बरतने पर यह कार्रवाई हुई।
दरअसल, एनएचएआई के प्रोजेक्ट के बीच में नगर परिषद की 20 दुकानें आ रही थीं तो परिषद द्वारा दोबारा से इन दुकानों को तोड़कर कुछ फीट अंदर ही बना दिया गया, लेकिन 20 की जगह 19 दुकानों को ही तोड़कर बनाया गया, जबकि नक्शे के मुताबिक 20 दुकानें टूटकर बननी थी। इस लापरवाही की रिपोर्ट प्रशासक द्वारा एसीएस को सौंपी गई थी। उसी आधार पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई। बता दें कि अक्तूबर 2020 के अंदर ही गृहमंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी के विकास कार्यों में लेटलतीफी के चलते एक्सईएन विकास धीमान को सस्पेंड किया गया था।
एक्सईएन हुए सस्पेंड तो रुकवाया 20वीं दुकान का निर्माण कार्य
नगर परिषद के नक्शे के मुताबिक काम ना करने की कार्रवाई का असर आलाधिकारियों में भी देखने को मिला। जैसे ही ऑर्डर जारी हुए तो आनन-फानन में अंबाला ईओ अपूर्व चौधरी ने नगर परिषद के बाहर 19 नई दुकानों के साथ बन रही 20वीं दुकान के चले निर्माण कार्य का दौरा करवाकर उसे रुकवा दिया। अधिकारियों की मानें तो मामले की गंभीरता से जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा कि आखिर निर्माण कार्य शुरू होगा कि नहीं।
20वीं दुकान न बनाने का यह था कारण
बताया जाता है कि नगर परिषद के बाहर गीता गोपाल चौक की तरफ 10 दुकानें तो नक्शे के मुताबिक बना दी गई थी लेकिन दूसरी तरह की 9 दुकानें बनाने का कारण नगर परिषद के गेट केे चौड़ा करना था, जोकि अंबाला-जगाधरी हाईवे की तरफ पड़ता है। दरअसर, यह गेट 14 फीट है जबकि नगर परिषद की नई बिल्डिंग जिसका प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है उसके मुताबिक यह रास्ता बेहद छोटा है। अब यह रास्ता करीब 24 फीट का हो गया है जिससे आसानी से दो गाड़ियां एक-दूसरे को ओवरटेक कर गुजर सकती है। अब विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाएगा जिसका फैसला आलाधिकारी करेंगे।
इस तरह उठा मामला
19 नई दुकानें बनने के बाद 20वीं दुकान जब बनी तो उसका छह फीट का हिस्सा जोकि पुरानी दुकानों के पीछे था अब वो उनके आगे आ गया। जिस कारण दूर से पीछे वाली एक दुकान नहीं दिख रही थी। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत एसडीएम सहित आलाधिकारियों को दी थी। मामला उठते ही जहां दुकानदार ने अपने स्तर पर ही रविवार को छह फीट बनी दुकान को गिरा दिया था। यहीं मामला तूल पकड़ गया।
जगाधरी रोड पर 20 दुकानें बननी थी। एक तरफ 10 तो दूसरी 9 ही दुकानें बनी है जोकि प्रस्तावित नक्शे के मुताबिक नहीं बनी थी। यह रिपोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर, पीएमसी के माध्यम से एसीएस से पास गई थी। जिसके आधार यह कार्रवाई अमल में लाई गई है, जबकि 20वीं दुकान के चल रहे निर्माण कार्य को भी रुकवा दिया गया है और वह खुद ही मौके का मुआयना करेंगे।
- अपूर्वा चौधरी, ईओ, नगर परिषद अंबाला छावनी।