अंबाला। हरियाणा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर मुनरहेडी, मंसूरपुर, नबीपुर, नन्यौला, बकनौर, बाड़ा, ठरवा और तंदवाल की 15 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिठाई बनाने से लेकर बेकरी के उत्पाद बना रही हैं। यह सभी महिलाएं स्वयं सहायता समूह के विभिन्न ग्रुपों से जुड़ी हुई हैं। इसके साथ ही कुछ महिलाएं पति के साथ मिलकर मिठाई की दुकान चला रही हैं। इस काम से उनकी तकदीर ही बदल गई। महिलाएं शादी विवाह, पार्टी व अन्य कार्यक्रम में अपने द्वारा बनाई गई मिठाई भेज रही हैं। इसके साथ ही महिलाएं लाखों का कारोबार भी कर रही हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र से लिया प्रशिक्षण
नबीपुर गांव की आंचल ने बताया कि चार साल पहले वह स्वयं सहायता समूह के दिव्या ग्रुप से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने ग्रुप की अन्य महिलाओं के साथ कृषि विज्ञान केंद्र तेपला से मिठाई बनाने का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने नबीपुर रोड पर शिव गंगा मिष्ठान भंडार एंड फास्ट फूड के नाम से दुकान खोल ली। वह अपने पति के साथ रसगुल्ले, गुलाब जामुन, बर्फी, लड्डू, पिन्नी, समोसा, ब्रेड पकौड़ा, जलेबी, सेंडविच, पेटीज आदि बनाती है। इसके साथ ही वह विवाह- पार्टी और अन्य कार्यक्रम के लिए ऑर्डर भी बुक करते हैं। उन्होंने बताया कि इन चार साल में उनकी मिठाई के काम से उनकी तकदीर बदल गई। उन्होंने दो गाड़ियां भी खरीदी हैं। इन गाड़ियों में ही मिठाई व अन्य सामान ऑर्डर की जगह पर भेजते हैं, इसके साथ ही वह दो अन्य ग्रुप की 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं और उनसे आचार और पापड़ बनवा रही हैं।
पति की दुकान पर सप्लाई करती हैं मिठाई
मुनरहेड़ी गांव निवासी आरती ने बताया कि वह सात साल से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं और मिठाई बना रही हैं। इसके लिए उन्होंने मिठाई बनाने का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने बताया कि पति रामपाल की हलवाई की दुकान है उनकी दुकान पर भिन्न भिन्न तरह की मिठाई रखी हुई हैं।
अंबाला में यह 15 महिलाएं बना रही मिठाई और बेकरी के उत्पाद
अंबाला में यह 15 महिलाएं स्वयं सहायता समूह के विभिन्न ग्रुप से जुड़कर मिठाई और बेकरी प्रोडक्ट बना रही है। जिसमें ठरवा से सुदेश रानी, बाडा से पूजा, नन्योला से संतोष रानी, नीलम, आरती, ऊषा देवी, बकनौर से सीमा देवी, मंसूरपुर से दिनेश कौर, कुसुमलता, रीटा देवी, नबीपुर से आंचल, मुनरहेडी से ममता, रेखा, आरती और तंदवाल से सुषमा शामिल हैं।