नारायणगढ़। हिमाचल और पंजाब की सीमा से सटे नारायणगढ़ में जब मारकंडा, बेगना और रूण नदी उफान पर आईं तो लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। इस क्षेत्र में प्रशासन ने एक तरफ तो सुबह शाम नदियों पर नजर रखी दूसरी तरफ लाेगों की समस्याओं को सुना और समाधान भी कराया। अहम बात है कि इस कार्य को क्षेत्र में तैनात महिला अधिकारियों ने किया, जिसकी अब प्रशंसा हो रही है। उपमंडल नारायणगढ़ की एसडीएम शिवजीत भारती, सिंचाई विभाग की एसडीओ शिखा बंसल और शहजादपुर की बीडीपीओ शबनम रेलन ने हाल ही में भारी बारिश और नदियों में आए उफान के बीच सक्रियता और सूझबूझ से काम लेकर क्षेत्र को बचाया।
नदियों पर रखी निगाह, ग्रामीणों से साधा संपर्क तो मदद को बढ़ाए हाथ
भारी बारिश के कारण उपमंडल से गुजरने वाली नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ गया था, जहां कहीं भी कटाव या जलभराव की सूचना मिली, तीनों महिला अधिकारी मौके पर पहुंचीं और हालात ठीक कराए। यहां तक कि घबराए हुए ग्रामीणों को भी भरोसा दिलाया। एसडीएम शिवजीत भारती ने बताया कि उन्होंने पंचायतों और नगर पालिका अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे, कि उन्हें समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई करनी है। जरूरी कदम वे समय पर उठाएं। नगर पालिका क्षेत्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के बाद साफ-सफाई व स्वच्छ पेयजल का विशेष ध्यान रखा गया। इसी प्रकार एसडीओ शिखा बंसल ने मारकंडा, बेगना तथा रूण नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी। वह प्रशासन को हर समय अपडेट देती रहीं, वहीं बीडीपीओ शबनम रेलन ने ग्रामीण क्षेत्रों में हालात का जायजा लेते हुए पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय किया।