शहर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान एक महिला और एक टीटीई भिड़ गए। दोनों में हाथापाई तक हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर थप्पड़ मारने के आरोप भी लगाए।
मौके पर मौजूद अन्य टीटीई स्टाफ ने बीच बचाव किया। बाद में महिला यात्री को कैंट रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने ले जाया गया।कैंट रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाने में भी महिला यात्री को करीबन चार घंटे तक बिठाकर रखा गया।
महिला यात्री का आरोप था कि यहां उसकी शिकायत ही नहीं ली गई। इस वजह से उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। दूसरी ओर, टीटीई स्टाफ भी महिला की शिकायत लेकर जीआरपी थाने पहुंच गए। थाने में चार घंटे के बाद जीआरपी ने महिला यात्री से पूछताछ शुरू की।
उस वक्त तक महिला यात्री के परिजन और टीटीई के समर्थक वहां पहुंच गए थे। इस दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। पीड़ित महिला यात्री का कहना था कि वे भाई और बच्चों के साथ करनाल से पटियाला जाना था।
वे अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन पर उतरी, तो वहां एक टीटीई ने उससे टिकट मांगी। इस पर उसने टीटीई को अपनी टिकट दिखा दी। इसके बाद टीटीई ने उससे उसके सात साल के बच्चे की टिकट मांगी। वह उसके पास नहीं थी। महिला ने दावा किया कि उन्होंने रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की पर बच्चे की आधी टिकट मांगी थी, मगर उसे नहीं दी गई।
इसके बाद भी टीटीई उससे जुर्माना वसूलने लगा। महिला ने जुर्माना देने में असमर्थता जताई। इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। महिला यात्री आरोप है कि इसी दौरान टीटीई ने उसके भाई पर हाथ उठा दिया। भाई को बचाने के लिए वह सामने आ गईं। और दोनों मेें हाथापाई हो गई।
टीटीई का कहना था कि महिला ने ही उसे पहले थप्पड़ मारा। शाम को जीआरपी थाने में दोनों पक्षों ने माफी मांग ली और समझौता कर लिया।