पति के साथ हुए झगड़े के बाद बुधवार दोपहर बेटी के संग मायके के लिए निकली महिला ने गांव खैरा के पास अपनी बेटी समेत नहर में छलांग लगा दी। हादसे में महिला की मौत हो गई, जबकि पानी में बही बेटी का कोई सुराग नहीं लगा। छलांग लगाने से पहले महिला ने अपने भाई को फोन पर सूचना दे दी थी। सूचना मिलते ही तलाश में निकले भाई ने बहन को पानी से बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वीरवार पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बच्ची की तलाश की जारी है। मामले में पुलिस ने मृतका के भाई गुरप्रीत के बयान पर पति और सास-ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार कुछ साल पूर्व गांव लौटां की 30 वर्षीय जगप्रीत कौर की शादी पंजाब के पटियाला के गांव हरपालपुर वासी गुरविंदर सिंह से हुई थी। उनकी एक आठ साल की बेटी हुसनकौर थी। पिछले कुछ समय से दंपती का मनमुटाव चल रहा था। इसी के चलते बीते दिन जब विवाद हुआ तो महिला ने मायके वालों को फोन करके बोल दिया कि मैं बहुत तंग हूं। इसके बाद गांव से करीब दो किलोमीटर दूर उसकी शादी कराने वाले बिचौलिए के परिवार के घर जाकर ठहर गई। भाई गुरप्रीत उसे समझाने के लिए वहां गया और वापस आ गया। बुधवार सुबह उसने फिर अपने मायके फोन किया। कहा कि मैं नहर में कूदकर जान दे रही हूं। बहन की धमकी के बाद जब गुरप्रीत उसे ढूंढने निकला तो मल्लौर हेड के पास लोगों ने बताया एक महिला खैरा की तरफ गई है। खैरा के पास पहुंचा तो उसकी बहन का नहर में मिली। उसने लोगों के सहयोग से उसको नहर से बाहर निकाला। तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। भांजी का कोई सुराग नहीं लगा था।
बहन को पीटते थे पति सहित सास-ससुर
गुरप्रीत का आरोप है कि मेरी बहन का पति और सास-ससुर उसे बुरी तरह पीटते थे। इसी से तंग आकर उसने ऐसा कदम उठाया। तीनों को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नहर में कूदने से महिला की मौत और उसकी बेटी के लापता होने की घटना में मृतक के भाई गुरप्रीत के बयानों पर उसके पति और सास-ससुर पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306 के तहत केस दर्ज किया गया है।
- धर्मबीर सिंह, थाना प्रभारी नग्गल।