अंबाला सिटी। मरीजों को राहत देने के लिए प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों में हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (एचएमएससीएल) के माध्यम से नई व्हीलचेयर भेजी थी। यह व्हीलचेयर अब गुणवत्ता के पैमाने पर फेल नजर आ रही हैं। कम से कम अंबाला में तो यही हाल है। यहां 145 व्हीलचेयर भेजी थीं। अब लगभग सभी को लेकर शिकायत मिल रही है।
जब भी किसी मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाया जाता है तो उसके पहिए से रबड़ निकल जाती है और ऐसे में कई बार मरीज गिर जाते हैं। इसके साथ ही काफी दम लगाकर चलानी पड़ती है। आलम यह है कि अब स्वास्थ्य कर्मी भी इसके प्रयोग से बच रहे हैं और स्ट्रेचर पर मरीजों को मजबूरन ले जा रहे हैं। यह व्हीलचेयर जिला के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भी भेजी गईं हैं तो अब वहां से भी शिकायतें आने लगी हैं।
इन स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजी गईं व्हीलचेयर
सिटी नागरिक अस्पताल - 50
अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल- 20
नारायणगढ़ स्वास्थ्य केंद्र- 20
शहजादपुर स्वास्थ्य केंद्र- 15
भूरेवाला स्वास्थ्य केंद्र- 10
मुलाना स्वास्थ्य केंद्र- 12
चौड़मस्तपुर स्वास्थ्य केंद्र- 2
बराड़ा स्वास्थ्य केंद्र- 12
नन्योला स्वास्थ्य केंद्र- 2
धनाना स्वास्थ्य केंद्र- 2
कुल- 145
बीएमई जांच के बाद होता है इस्तेमाल
बीएमई संजय लाडवाल ने बताया कि बॉयो मेडिकल इंजीनियर की जांच के बाद ही उपकरण अस्पताल में आते हैं। इंजीनियर की जांच के बाद ही कोई उपकरण इस्तेमाल के लिए दिया जाता है। जो व्हील चेयर आई हैं उनकी अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं बन पाई है। इधर जांच रिपोर्ट से पहले ही खामियां दिखने लग गई है। बीएमई ने कहा कि व्हील चेयर में रबड़ निकल जाती है। वीरवार तक वह इसकी रिपोर्ट बनाएंगे और निदेशालय को भेज देंगे।
वर्जन
बॉयो मेडिकल इंजीनियर की जांच के बाद ही उपकरण को मंजूरी मिलती है। हाल में आई व्हील चेयर में गड़बड़ी देखने को मिली है। जिसे दुरूस्त करवाने के लिए निर्देश दिए हैं।
-डॉ. पवनीश अग्रवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक
व्हीलचेयरों में कमी पाई गई है। इसके हल के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही समस्या को सुलझा दिया जाएगा।
-डॉ. हितार्थ, नोडल अधिकारी, उपकरण
ऐसे मामले हमारे संज्ञान में आए हैं। जल्द ही इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रयास जारी है।
-अविनाश, वेंडर, चंडीगढ़