नारायणगढ़ व उसके साथ लगती भरेड़ी अनाज मंडी में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष गेहूं की आवक काफी कम है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 23 अप्रैल तक इस वर्ष नारायणगढ़ अनाज मंडी में लगभग दो लाख 43 हजार 300 क्विंटल तथा भरेड़ी अनाज मंडी में इस वर्ष लगभग 30 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। जबकि पिछले वर्ष अब तक नारायणगढ़ अनाज मंडी में लगभग 3 लाख 45 हजार क्विंटल तथा भरेड़ी अनाज मंडी में लगभग 47 हजार 600 क्विंटल गेंहू की आवक हुई थी।
गेहूं की कम आवक का कारण पिछले दिनों क्षेत्र में हुई बेमौसमी बारिश के बाद गर्मी बताया जा रहा है। यही कारण है कि अबकी बार 6 क्विंटल प्रति एकड़ से लेकर लगभग 16-17 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार हुई है। जबकि पिछले वर्ष 16 से 20-22 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार हुई थी। क्षेत्र के किसानों जसमेर सिंह, श्याम लाल, प्रवीन कुमार, कर्मचंद, नरेंद्र कुमार, बलजीत सिंह, प्रमाल सिंह, जगदीश सिंह आदि का कहना है कि मौसम की खराबी के चलते ही उन्हें गेहूं की फसल में काफी घाटा उठाना पड़ा है। इन किसानों का कहना है कि इतनी कम आवक में तो गेहूं की लागत भी पूरी नहीं हो रही। सरकारी सूत्रों के अनुसार गत वर्ष लगभग 4 लाख 17 हजार क्विंटल नारायणगढ़ अनाज मंडी में तथा 55700 क्विंटल भरेड़ी अनाजमंडी में गेहूं की आवक हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत गेहूं कम होने की संभावना है। गेहूं की आवक कम होने से अनाज मंडी खाली नजर आने लगी है। इस वर्ष अनाज मंडी में काम करने आए प्रवासी मजदूरों को भी काफी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।