अंबाला सिटी। गर्मी के प्रभाव से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर असर हो रहा है। बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी वातावरण का असर पड़ता है। मौसम के नकारात्मक प्रभाव से हार्मोन नोर्ड नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं और लोगों को छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लग जाता है।
इस कारण लोग आत्महत्या जैसे फैसले की ओर दौड़ते है। शहर नागरिक अस्पताल में आए दिन जहर खुरानी के मामले देखने को मिल रहे है। मई महीने में कुल 13 मामले आए थे। हालांकि इन मामलों में किसी की भी जान नहीं गई है। मनोरोग चिकित्सकों का कहना है कि अधिक अप्रिय मौसम के कारण भी हमें छोटी छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है। ऐसे में कुछ तरीकों को अपनाकर खुद पर नियंत्रण पा सकते हैं। जब भी कोई सदस्य किसी परेशानी में नजर आए तो उससे बात करें और उसकी परेशानी को समझने का प्रयास करना चाहिए।
धीमे सांस लेने से मिलेगा लाभ
मनोरोग चिकित्सक डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए हम सांस लेने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते है। आमतौर पर हम एक मिनट में 12 से 18 बार सांस लेते है। जब भी हमें गुस्सा आए तो हम सांस लेने की संख्या को आठ से 10 बार तक लेकर आ सकते है। इससे हमारे शरीर की हार्मोन नोर्ड पर नियंत्रित कर सकते हैं। इससे गुस्सा भी कम आता है। जिससे मन भी शांत रहता है। रात के समय वाहन चलाते समय भी हमें ध्यान रखना चाहिए। रात के समय आंखों में पड़ने वाली रोशनी से भी परेशानी बढ़ती है। इसलिए रात के समय वाहन चलाते समय आवश्यक न हो तो रुक जाना चाहिए।
वर्जन
गुस्से पर नियंत्रण के लिए योग और गहरी सांसें लेने का अभ्यास करना चाहिए। जितना हो सकते विवाद से टलना चाहिए। मन में परेशानी होने पर किसी अपने से बात करें।
-डॉ. राजेंद्र राय, मनोरोग चिकित्सक