मकर संक्रांति पर मौसम पलटते ही दिन भर आसमान में बादल छाये रहे। बुधवार को आई बारिश के बाद मौसम में दिन भर ठंडक बनी रही। यहां तक कि दिन भर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। तापमान में कमी होते ही डाक्टरों ने भी इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुधवार के मुकाबले वीरवार को अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
वीरवार को मकर संक्रांति पर लोगों को उम्मीद थी कि सूर्यदेव के दर्शन होंगे, लेकिन दिन भर आसमान में बादल छाये रहे और हल्की ठंडी हवाओं से मौसम काफी सर्द हो गया। इसी कारण से तापमान भी पांच डिग्री तक लुढ़क गया। इस मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ेगा। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। यह मौसम लोगों को खांसी, बुखार और जुकाम से प्रभावित कर सकता है।
वहीं मौसम बदलने से सुबह के समय स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों व नौकरीपेशा लोगों को परेशानियां उठानी पड़ सकती है। खासकर छोटे बच्चों की दिक्कतें बढेंग़ी। अभी कुछ स्कूलों में सर्दियों का अवकाश है, जबकि कई स्कूल खुल चुके हैं।
रूम हीटर ने भी पकड़ी रफ्तार
हालांकि अभी तक रूम हीटर का इस्तेमाल ज्यादा नहीं किया जा रहा था, जबकि रात के समय ही रूम हीटर चल रहे थे, लेकिन पिछले दो दिनों से रूम हीटर दिन में भी चल रहे हैं। साहिल गुप्ता, धर्मवीर सिंह, मनोज तिवारी, पंकज रस्तोगी का कहना है कि दो दिनों से मौसम बिगड़ा है और ऐसे में सर्दी से बचने के लिए रूम हीटर ही एकमात्र रास्ता है।