अंबाला। शुक्रवार सुबह से सायं तक रुक रुककर बारिश हुई। इसके कारण जनजीवन अस्तव्यस्त दिखाई दिया। नीचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को पांच मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण दिन के समय सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए और लोगों को छाता आदि का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक जाने काे मजबूर होना पड़ा।
छावनी में निर्माणाधीन शहीद स्मारक के पास सर्विस रोड पर बारिश का पानी भर गया। इसके कारण लोगों को आने जाने में दिक्कत हुई। इसी प्रकार छावनी के बस स्टैंड के गेट नंबर 2 पर भी जलभराव की स्थिति दिखाई दी। बस स्टैंड ओवरब्रिज के पास भी जलभराव के बीच होकर लोगों को गुजरना पड़ा। रेलवे कॉलोनी पुल के नीचे भी जलभराव हो गया।
साथ ही बारह क्रॉस रोड स्थित ग्वाल मंडी पर बारिश के कारण कीचड़ के हालात गन गए। छावनी की सब्जी मंडी में लोग कीचड़ में ही सब्जियां खरीदने को मजबूर दिखे। हालांकि, बारिश के कारण मंडी में लोगों की आवक कम दिखाई दी। वहीं शहर की पुरानी सब्जी मंडी में हालात बिगड़े हुए थे। कीचड़ आदि से लोग परेशान दिखाई दिए।
सिटी के अग्रसेन चौक स्थित अंबा मार्केट की तरफ जाने वाली सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। लोगों को इसमें से गुजर कर बाजार तक जाना पड़ा। यहां क्षेत्र में नाले की ब्लॉकेज पिछले लंबे समय से चल रही है। इस कारण अक्सर थोड़ी बारिश होने पर भी जलभराव हो जाता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष दिखाई दिया। नदी मोहल्ला स्थित नई बस्ती कॉलोनी में भी बारिश के कारण जलभराव हो गया। आसपास के क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की स्थिति दिखाई दी। वहीं मनमोहन नगर क्षेत्र में भी बारिश के कारण काई दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ा।
हल्की बारिश में भी हमें नुकसान होने की संभावना बन जाती है। नई बस्ती में लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। इस पर इतने वर्षाेंं से कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। -महेंद्र कुमार
-
जलभराव से प्रशासन को निजात दिलानी चाहिए। स्थानीय नागरिकों को नुकसान होता है। पिछले बरसात के सीजन में भी जलभराव से दुकानाें में पानी घुस गया था। -तरुण जैन
काॅलोनीवासियों ने स्थानीय एमसी और नगर निगम को कई बार शिकायत दी है मगर जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लगातार परेशान हो रहे हैं। - जाेगिंदर कुमार
वर्ष 2010 में बाढ़ आई थी तभी से नाले की ब्लॉकेज को ठीक करने की मांग उठा रहे हैं मगर प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं है। अधिकारी शिकायत पर अनदेखी करते हैं। -कृष्ण लाल