अंबाला सिटी। पहले ही बारिश के कारण फसलों काे बहुत अधिक नुकसान हो चुका है। अब एक बार फिर शुरु हुई बारिश ने किसानों के आगे परेशानी खड़ी कर दी। दिन भर हुई झमाझम बारिश से फसलों को और अधिक नुकसान होगा। अभी तक की बात करें तो 10 हजार 400 हेक्टेयर में करीब 42 से 60 प्रतिशत तक नुकसान देखा गया है। इसमें अधिकतर क्षेत्र शहर और नारायणगढ़, साहा, बराड़ा है। वहीं मौसम विभाग तीन अप्रैल तक बारिश होने का अनुमान लगा रहा है। अगर बारिश ज्यादा रहती है तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
पिछले दिनों आई शिकायतों पर कृषि विभाग ने बीमा वाले किसानों की फसलों का और प्रशासन ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आई शिकायतों का सर्वे किया है। आंकड़ों के अनुसार क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अंबाला के 2321 किसानों ने 15 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल खराब होने का रिकॉर्ड दिया है। इस रिकॉर्ड का पटवारियों ने निरीक्षण कर आकलन कर आगे भेज दिया है। शुक्रवार को हुई बारिश के कारण फसल पहले से ही खेतों में बिछी है उसे काफी नुकसान होगा। उसका दाना पहले से ही गीला था। अब और अधिक नमी मिलने से गेहूं का दान सड़ भी सकता है। वहीं पैदावार पर बारिश ने सीधे-सीधे प्रभाव छोड़ा है।
अधिकारिक तौर पर गेहूं खरीद का कार्य आज से शुरू हो जाएगा। इसको लेकर मार्केट कमेटी ने तैयारी पूरी कर ली है। सभी शेड खाली किए हुए हैं। इसके अलावा अन्य तैयारियां भी विभाग की ओर से कर ली गई हैं। दूसरी ओर, इस बार मंडी में गेहूं पहुंचने में काफी देरी होगी क्योंकि बारिश होने के कारण फसल अभी पकी नहीं है। इसके अलावा विभाग की ओर से आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है ताकि मंडी में फसल पहुंचने के बाद बारिश होती है तो फसल को भीगने से बचाया जा सके।
तीन लाख 61 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य
विभाग की ओर से तीन लाख 61 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था। जिले की सभी 14 मंडियों से पिछली बार कुल तीन लाख से अधिक गेहूं की खरीद का कार्य किया गया था। वहीं उम्मीद इस बार भी यही जताई जा रही थी कि गेहूं की पैदावार अच्छी होगी परंतु बेमौसमी बारिश ने किसानों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। इस बार किसानों को हजारों क्विंटल फसल का नुकसान होने का अनुमान है। खासकर अंबाला शहरी क्षेत्र में किसानों को 60 प्रतिशत तक का नुकसान माना जा रहा है।
बीमा लेने वाले किसानों की फसलों का निरीक्षण कर लिया गया है। दूसरी ओर अन्य विभाग की ओर से भी क्षतिपूर्ति पर आई शिकायतों की गिरदावरी कर दी है। अभी बारिश जारी है तो अभी किसानों को और कितना नुकसान होता है। यह तो बाद में ही पता लगेगा।
- जसविंद्र, डीडीए, अंबाला