मुलाना। एक हफ्ते के भीतर ही दूसरी बार मारकंडा नदी ने फिर से रविवार को अपना रोद्र रूप दिखाया । शनिवार रात पहाड़ों में हुई बारिश के चलते रविवार सुबह मुलाना में मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे इस सीजन के अपने अधिकतर स्तर 8.6 फीट 38500 हजार क्यूसेक पर रहा । जिसके बाद नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया और घटता हुए रविवार शाम 6 बजे 7 फीट 28500 क्यूसेक के जलस्तर तक पहुंच गया ।
विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि नदी किनारे बिल्कुल न जाएं । बरसाती सीजन जारी है । ऐसे में नदी किनारे जाना खतरनाक साबित हो सकता है। मारकंडा नदी का उफान इतना था कि मारकंडा नदी का पानी कई गांव जफरपुर, अल्लियासपुर, हेमामाजरा, पपलौथा, मुलाना, घेलडी,तंदवाल के खेतों तक मार कर रहा है। खेतों में लगी किसानों की ताजा धान की पौध डूबने की कगार पर है। कई निचली जगहों पर पानी रुकने से पौध के सड़ने का खतरा भी बना हुआ है। किसानों ने चिंता जताई है कि यदि जलनिकासी शीघ्र नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। संवाद
गांवों में आया नदी का पानी :
नदियों के बढ़ते जलस्तर के चलते बेगना नदी का पानी गांव गोला में आ गया। फिरनी के नजदीक लगते घरों में भी पानी घुस गया। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं हेमामाजरा गांव में भी यही स्थिति देखने को मिली यहां मारकंडा नदी का पानी गांव में घुस गया। यहां पानी हेमा माजरा मुलाना रोड और हेमा माजरा घेलड़ी मार्ग के ऊपर से बहा। हेमा माजरा के लोगों के अनुसार अगर प्रशासन समय रहते प्रबंध करता तो आज हेमा माजरा गांव में मारकंडा नदी का पानी न आता ।
रविवार शाम करीब 6 बजे मारकंडा नदी का जलस्तर घटकर 28500 क्यूसेक हो गया था । अभी पहाड़ों में भी बारिश नहीं है। विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
-सिंचाई विभाग जेई दरबारा सिंह :