पारा 30 डिग्री के पार कर चुका है, गर्मी में सफर करते हुए लोगों के कंठ सूखने लगे हैं। वहीं, मंडल के सबसे बड़े अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों से जल के नाम पर छल किया जा रहा है। हालात ये हैं कि स्टेशन पर बने वाटर बूथ यात्रियों की प्यास बुझाने में नाकाम हैं, क्योंकि इन पर ताला लटका है। कुछ बूथों से कर्मचारी ही नदारद हैं। यात्रियों को साफ और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के आईआरसीटीसी के दावे यहां हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
दरअसल, गर्मी के मौसम में ट्रेन में सफर के दौरान स्टेशन पर यात्रियों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। इसी का फायदा उठाकर शुरू होता है लूट का खेल। स्टेशन पर बने आईआरसीटीसी वाटर बूथ से एक रुपये में एक गिलास पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी, जिससे जानबूझ कर बंद कर दिया गया है, ताकि मजबूरी में यात्रियों को बोतल बंद पानी खरीदना पड़े। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी यहां लगे साधारण नलों का भी यही हाल कर दिया जाता है। अमर उजाला टीम ने जब प्लेटफार्म एक का निरीक्षण किया तो यहां वाटर बूथ बंद मिले। -संवाद
आठ वाटर बूथ, काम कर रहे सिर्फ दो
स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर दो वाटर बूथ हैं। इसी प्रकार 2-3 और 4 पर तीन वाटर बूथ और प्लेटफार्म 6-7 पर भी 3 वाटर बूथ हैं। लेकिन सिर्फ प्लेटफॉर्म 1 और 6-7 पर ही एक-एक वाटर बूथ खुलते हैं, लेकिन इसका भी कोई समय और दिन निश्चित नहीं है।
15 से 20 रुपये की बोतल से बुझानी पड़ रही प्यास
मौजूदा समय में छावनी स्टेशन से रोजाना लगभग 100 से अधिक ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। इसलिए स्टेशन पर यात्रियों की संख्या भी 10 से 15 हजार के बीच पहुंच गई है। आईआरसीटीसी के वाटर बूथ बंद होने की वजह से यात्रियों को बोतल बंद पानी 15 रुपये में खरीदकर पीना पड़ रहा है। वहीं, ट्रेनों में बिकने वाले पानी के रेट 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
वाटर बूथ पर पानी के रेट
आईआरसीटीसी के वाटर बूथ पर यात्रियों को बेहद ही कम दाम पर पानी उपलब्ध कराया जाता है। इसमें यात्रियों को एक रुपये में एक गिलास पानी दिया जाता है। इसके अलावा तीन रुपये में 600 एमएल, 5 रुपये में 1 लीटर, 8 रुपये में 2 लीटर और 20 रुपये में 5 लीटर पानी मिलता है। पानी लेने के लिए यात्री को अपना बर्तन या बोतल साथ लानी होती है। अगर वह काउंटर से बोतल या गिलास लेगा तो इसके लिए उसे 1 रुपये से 5 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
नहीं मिल रही सुविधा
कम दाम पर साफ और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यात्रियों को महंगे दामों पर पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। रेलवे को इस सुविधा को जल्द से जल्द शुरू करवाना चाहिए।
- चंद्र दुग्गल, यात्री।
जल्द हो समाधान
गर्मी के दिनों में सफर के दौरान पानी की बेहद आवश्यकता होती है। परिवार के साथ छोटे बच्चे भी होते हैं। रेलवे ने सस्ते रेट पर पानी उपलब्ध कराने के लिए जो बूथ खोले हैं, वहां 24 घंटे कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए, ताकि देर-सवेर ट्रेन में सफर करने वाले यात्री इस सुविधा का फायदा उठा सकें।
- गुरमीत सिंह, यात्री।
करेंगे उचित कार्रवाई
सभी वाटर बूथ को संचालित करने के निर्देश दिए हुए हैं। अगर ऐसा नहीं हो रहा और वाटर बूथ बंद हैं या कर्मचारी नदारद हैं तो जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की परेशानी का समाधान जरूर किया जाएगा।
- सुखविंदर सिंह, संयुक्त महाप्रबंधक आईआरसीटीसी, चंडीगढ़।