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लोगों के ब्लड सैंपल लिए, कॉलोनियों से निकलेगा पानी

Wed, 23 Jul 2014 12:25 AM IST
ब्ूयरो/अमर उजाला/ अंबाला
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म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) के आयुक्त एवं डीसी अंबाला डॉ. साकेत कुमार के निर्देशों पर एडीसी प्रभजोत सिंह व एसडीएम कमलप्रीत कौर ने एमसीए अफसरों व स्वास्थ्य महकमे की टीम के साथ पॉलम विहार-डी और अन्य कॉलोनियों का दौरा किया।
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यह पहला ऐसा मौका था जब कोई आला अफसर इन कॉलोनियों का दौरा करने आए। इन कॉलोनियों में एक साल से जमा बरसाती पानी और उनमें उगी जलकुंभी देखकर अफसर हैरान रह गए। अफसरों ने एमसीए के कार्यकारी अभियंता डीके मंगला से पूछा कि इन कॉलोनियों से पानी कैसे निकलेगा, इसके लिए क्या प्लानिंग की जाएगी, इसकी रिपोर्ट बुधवार तक एमसीए कमिश्नर एवं डीसी अंबाला के समक्ष पेश करें। क्योंकि एक प्लॉट का पानी निकालकर दूसरे प्लॉट में डालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। एडीसी ने कहा कि हर हाल में यहां जमा पानी निकलना चाहिए और इसके लिए पंपों की भी व्यवस्था की जाए।

फोगिंग करवाओ शुरू
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फोगिंग का कार्य प्राथमिकता पर शुरू करवाएं। साथ ही खाद्य एवं पूर्ति विभाग से समन्वय स्थापित करके जलभराव वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल छिड़कवाने की व्यवस्था करें ताकि मच्छरों का लारवा खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि पालम विहार के साथ-साथ गणेश विहार व इस क्षेत्र की ऐसी सभी कॉलोनियों से पानी निकासी के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस क्षेत्र से पीने के पानी के सैंपल भी भरें। मौके पर वार्ड पार्षद सुरेंद्र बिंद्रा डब्बू भी मौजूद रहे।
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लोग बोले, दौरे नहीं राहत चाहिए
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें दौरे नहीं राहत चाहिए। लोगों ने बताया कि यहां वे एक साल से बरसाती पानी से घिरे हैं। पहले इस पानी को निकाला जाए और आगे के लिए समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। अफसरों ने अगर यहां का दौरा किया है तो उसका असर भी दिखना चाहिए।    

‘अमर उजाला’ ने उठाया था मुद्दा
इस मुद्दे को 22 जुलाई, 2014 के अंक में ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। इसमें बताया गया था कि यहां कैंट में 45 कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां एक साल से लोग बरसाती पानी से घिरे हैं, क्योंकि यहां जल निकासी के लिए न तो कोई नाला है और न ही नालियां। जबकि इन कॉलोनियों को बसे यहां पंद्रह से पच्चीस साल तक हो चुके हैं। जिन लोगों के घरों के आगे छोटी नालियां हैं, वे उन्होंने खुद ही बनाई हैं और उनका पानी किसी खाली प्लॉट में इकट्ठा होता है। इसी वजह से यहां पॉलम विहार-डी में डेंगू की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, उसकी बेटी मुश्किल से बची है और बेटा अब तक गंभीर है। इसी का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को प्रशासन के आला अफसर स्थिति का जायजा लेने कॉलोनियों में पहुंचे।
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