प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के चलते अंबाला में सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। अब हर पार्टी के वे नेता जो चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, उन्होंने टिकट के लिए अपनी कसरत शुरू कर दी है। टिकट के लिए इन नेताओं ने जहां अपने-अपने आकाओं के पास दौड़ लगाना शुरू कर दिया है, वहीं टिकट की चाहत में कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं में जबरदस्त गुटबाजी भी मुखर हो गई है। भाजपा हो या कांग्रेस, इनेलो हो या हजकां सभी में टिकट के चाहवान नेता इन दिनों अपनी ही पार्टी के नेता को पछाड़कर टिकट हासिल करने के लिए अपनी-अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं।
निर्मल के खिलाफ खड़ा हुआ सैलजा गुट
कैंट में टिकट के चक्कर में ही कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ राज्यसभा सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा का गुट खड़ा हो गया है। सैलजा गुट के इन नेताओं ने मंगलवार को कैंट में बैठक कर टिकट के दावेदार निर्मल सिंह के विरुद्ध अपनी लामबंदी जाहिर कर दी है। इन नेताओं में कांग्रेस नेता एवं नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन नीलम शर्मा, डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल, पूर्व पार्षद हीरालाल यादव, वेणु अग्रवाल व जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल शेरा ने अपनी दावेदारी ठोकते हुए चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। मगर इन नेताओं का कहना है कि टिकट का आखिरी फैसला हाईकमान करेगा। इन नेताओं ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व विधायक निर्मल सिंह पर भी हमला बोला। निर्मल सिंह सीएम गुट की ओर से कैंट में कांग्रेस के टिकट के दावेदार हैं, लेकिन अब सैलजा गुट के इन नेताओं की दावेदारी ने निर्मल सिंह की राह में रोड़े अटका दिए हैं। क्योंकि सीएम गुट की ओर से अभी कैंट सीट पर निर्मल का ही नाम चल रहा था। मंगलवार को हुई बैठक में दर्शन लाल बुद्धिराजा, नरेंद्र धमीजा, महेश गोयल, सत्य भारती, अजय वालिया, हिमांशु पुंज, सुदर्शन सिंह सहगल, अर्जुन लाल कालड़ा इत्यादि उपस्थित रहे। उधर, नीलम शर्मा ने सोनिया गांधी से मांग की है कि पार्टी टिकट वितरण में महिलाओं की पचास फीसदी भागेदारी रखें।
कैंट भाजपा में गुटबाजी चरम पर
सिटी, कैंट और मुलाना तीनों विधानसभाओं में भाजपा में भी जबरदस्त गुटबाजी है। कैंट विधानसभा में हालांकि टिकट के प्रबल दावेदार को सीटिंग एमएलए अनिल विज ही है, लेकिन उनसे भाजपा का एक बड़ा धड़ा सख्त नाराज है। इस धड़े में भाजपा के पूर्व पार्षद नरेंद्र बंगाली, कमल किशोर जैन, सुरेश गर्ग, राजीव गुप्ता, गगन ढांग समेत पूर्व युवा अध्यक्ष विजेंद्र चौहान, राज सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र धवन का गुट पूरी तरह नाराज है। ये नेता टिकट के चाहवान नहीं है, इनका आरोप यह है कि प्रदेश के नेता और कैंट विधायक उनकी अनदेखी करते हैं, जबकि वे अपने-अपने वार्डाें में जनप्रतिनिधि रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि कैंट में पार्टी छोड़कर आने वाले कांग्रेसी नेताओं का तो गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है, लेकिन अपने भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जो उन्हें बर्दाश्त नहीं है।
सिटी में भी टिकट को लेकर खींचतान
भाजपा : सिटी भाजपा में टिकट को लेकर जबरदस्त खींचतान और गुटबाजी का माहौल है। यहां टिकट के लिए कई गुट बन चुके हैं। पूर्व विधायक जसबीर मलौर, पूर्व डिप्टी स्पीकर हेडमास्टर फकीर चंद व पूर्व विधायक वीणा छिब्बर जहां टिकट के लिए कतार में हैं, वहीं एडवोकेट संदीप सचदेवा, पवित्र सिंह बाजवा, डा. संजय शर्मा व असीम गोयल भी टिकट की इच्छा पाले अपने-अपने गुट के साथ मैदान में हैं। टिकट के चाहवान भाजपा नेताओं की फील्ड में जबरदस्त गुटबाजी है।
कांग्रेस: कांग्रेस की टिकट के लिए भी शहर में एक अनार सौ बीमार हैं। नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन हरीश सासन, कांग्रेस नेता राजेश मेहता, पूर्व पार्षद बृजलाल सिंगला, पार्षद बिट्टू चावला, अजायब सिंह चहल, रिंकू पूनिया, विनोद धीमान, देवेंद्र बजाज व हिम्मत सिंह सभी जबरदस्त गुटबाजी बनाकर टिकट के जुगाड़ में लगे हुए हैं। सभी अपने-अपने आकाओं के दरबार में हाजिरी भर रहे हैं। इसी के चलते सिटी कांग्रेस में भी इस वक्त घमासान का माहौल है।
नारायणगढ़, मुलाना में भी नेता आमने-सामने
नारायणगढ़ में भी कांग्रेस व भाजपा में टिकट के इच्छुक नेता आमने-सामने हैं। कांग्रेस में रामकिशन गुर्जर के मुकाबले में अशोक मेहता ने प्रबल दावेदारी ठोक रखी है, तो भाजपा में जिलाध्यक्ष नायब सैनी के मुकाबले में भाजपा नेत्री सुषमा गुट की लतिका शर्मा सामने हैं। सभी नेता खुलकर गुटबाजी करते हुए टिकट के जुगाड़ में हैं। उधर, मुलाना में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद व उनके बेटे वरुण मुलाना सीएम गुट के दावेदारों में है, लेकिन यहां भी सैलजा गुट के रामकुमार गगनपुर व देसराज ने भी ताल ठोंकते हुए गुटबाजी को पूरी हवा दे रखी है। उधर, मुलाना में भी भाजपा के कई दावेदार अपना-अपना गुट बनाकर मैदान में ताल ठोक रहे हैं।