अंबाला में शुक्रवार को बिजली और पानी को लेकर हाहाकार मचा रहा। ट्विनसिटी में जहां बिजली कटों की वजह से हालात खराब रहे, वहीं इलाकों में पेयजल संकट खड़ा कर दिया। बिजली कटों की वजह से कैंट व सिटी के सिविल अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।
आलम यह रहा है कि इन अस्पतालों में इलेक्ट्रानिक मशीनों से होने वाले मरीजों के टेस्ट भी लटक गए और घंटों मरीज इंतजार करते हुए बेहाल हो गए।
दूसरी ओर, कैंट कच्चा बाजार में भी गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों ने गंदा पानी बोतलों में बंद किया और डिप्टी मेयर के घर ले गए। इस दौरान लोगों ने खासा रोष व्यक्त किया। परेशान लोगों ने साफ कहा कि ट्विनसिटी में इन दिनों न तो पर्याप्त बिजली है और न ही साफ पेयजल मिल रहा है, वे लोग अपना दुखड़ा लेकर संबंधित अफसरों के पास जाते हैं, लेकिन वे भी उनकी बेबसी की कहानी सुनने को तैयार नहीं होते।
बिजली कट से अस्पताल में मरीजों पर संकट
अंबाला सिटी। शुक्रवार को तपती गर्मी में शहर में बिजली संकट होने से लोग बेहाल हो गए। आलम यह रहा है कि जगाधरी गेट फीडर और सिटी टू फीडर के क्षेत्रों से जुड़े इलाकों में कई घंटों तक बिजली गुल रही। सुबह से शाम होते-होते बिजली नहीं आने से लोग परेशान हो गए। वहीं, दूसरी तरफ सिटी सिविल अस्पताल में भी बिजली के अघोषित कट लगने से अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, लैब टेस्ट और डाक्टरों के ओपीडी का काम काफी प्रभावित रहा। मरीजों को टेस्ट, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं होने से वापस घर जाना पड़ा। मरीजों के अनुसार पिछले चार दिन से अस्पताल में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बताया जाता है कि अस्पताल के बिजली सिस्टम में तकनीकी प्रॉब्लम आने से दिक्कत आ रही है।
इन क्षेत्रों में गुल रही बिजली
सिटी के सर्राफा बाजार, पटेल रोड, जगाधरी गेट, काजीवाड़ा, नाहन हाउस, बलदेव नगर, सब्जी मंडी के क्षेत्र, सिंगावाला, समेत पुराने शहर के कई अन्य इलाकों में बिजली सुबह 10 बजे से ही गुल हो गई। इसी बीच बिजली का लोग इंतजार करते रहे, लेकिन शाम करीब पांच बजे बिजली आई। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। काजीवाड़ा के संजीव, राहुल, जगाधरी गेट के रोशन, साहिल ने बताया कि बिजली की पिछले करीब चार दिन से व्यवस्था बिगड़ी हुई है, लेकिन बिजली विभाग लोगों को दिक्कतों को देखते हुए बिजली व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
उधर, सिटी सिविल अस्पताल में मरीजों को बिजली नहीं आने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में जहां वार्डों में मरीज बेहाल हो रहे थे, वहीं ट्रॉमा सेंटर, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे की मशीन बंद होने के चलते पूरा दिन मरीज परेशान होते रहे। मरीज गुलजार कौर, राकेश, मीना ने बताया कि सुबह से ही लाइट कभी आ रही है तो कभी जा रही है, जिससे अस्पताल में दाखिल मरीजों को परेशानी हो रही है। आरएमओ डा. बलविंद्र कौर ने बताया कि अस्पताल में पिछले तीन दिन से बिजली समस्या आ रही है, मरीजों को भी इस कारण परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशानसिक अधिकारियों द्वारा बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत की गई है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
आगामी दिनों में बढ़ सकती है बिजली समस्या
पूरे जिला में मई माह में 47 लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली खपत हो रही है। बिजली विभाग के अनुसार यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। रोजाना बढ़ती गर्मी से बिजली यूनिट का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्र में करीब 22 लाख यूनिट प्रतिदिन, ग्रामीण क्षेत्र में 7 लाख यूनिट, एग्रीकल्चर में 4 लाख और इंड्रस्टी में 5 लाख यूनिट प्रतिदिन खर्च हो रही है।
इस कारण शहर में बना रहा बिजली संकट
अंबाला-पंचकूला अधीक्षक अभियंता वीके खुराना ने बताया कि अंबाला-राजपुरा हाइवे पर पालिका विहार के नजदीक केबल में तकनीकी खराबी आने के कारण तारों को पुल के ऊपर से पोल लगाकर आगे कनेक्ट किया गया है। इसी समस्या के चलते जगाधरी गेट और सिटी टू फीडर पर बिजली बंद की गई थी। लेकिन शाम को बिजली की समस्या ठीक करने के बाद चला दिया गया।
एक माह से आ रहा मैला पानी, जनता खफा
कच्चा बाजार एरिया की पेयजल लाइन में हो लीकेज इलाकावासियों के लिए गले की फांस बनी हुई है। आलम यह है कि पिछले एक माह से रोजाना पेयजल के माध्यम से घरों में सीवरेज के बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। जबकि संबंधित एरिया में बदबू के कारण महामारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
इस संबंध में शुक्रवार को पेयजल लाइन में आ रहे बदबूदार पानी के परेशान इलाकावासियों ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि कई बार इलाकावासी कालोनी से महज कुछ कदमों की दूरी पर डिप्टी मेयर व संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत से अवगत कर चुके है। उसके बावजूद भी इलाके की पेयजल लाइन में बदबूदार पानी आने की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
इस तरह परेशान है इलाकावासी
इलाकावासी प्रोमिला रत्तरा, जयराम मल्होत्रा, पुनीश जयसवाल, सुनीता, पंकज जयसवाल, सीमा मल्होत्रा, औंकार सिंह, भारत भूषण, गीता, ऋषि, पूनम, अंजू, गुलशन छाबड़ा, प्रिंस, बिल्लू, रमेश जयसवाल का कहना है कि पिछले एक माह से वह संबंधित विभागों व पार्षदों के चक्कर काट चुके है। लेकिन केवल झूठे आश्वासन देकर टाल दिया जाता है और कई बार पेयजल लाइन की मरम्मत का काम भी शुरू किया गया था। परंतु विभाग के कर्मचारियों की ओर से खानापूर्ति कर बीच में ही छोड़ दिया गया। जिससे पूरे इलाके में गंदे पानी की सप्लाई होने के कारण पूरा दिन सबंधित एरिया में बदबू फैली रहती है। जिस कारण इलाकावासियों का घरों के बाहर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। जबकि एरिया के सीवरेज भी जगह जगह से लीक हो रहे है और पूरा दिन नालियों में सीवरेज का पानी रिसता रहता है। जो परेशानी का कारण बना हुआ है।
उनका कहना है कि इलाकावासी पानी की कमी को पूरा करने के लिए आस पास के हैंडपम्पों लाने को मजबूर है। लेकिन विभाग की ओर से उनकी समस्या को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया तो संबंधित एरिया में बीमारी फैलने का खतरा शुरू हो जाएगा। जिसका जिम्मेदार केवल प्रशासन व सबंधित विभाग ही होगा।
कच्चा एरिया में पेयजल लाइन की मुरम्मत चल रही है और लीकेज को बंद करने के प्रयास किए जा रहे है। जल्द ही लाइन को दुरुस्त किया जाएगा। तब तक एरिया में पानी के टैंकर से सप्लाई की जाएगी।
-अश्वनी कुमार, जेई, पीडब्लूडी
लोग मेरे पास गंदे पानी की बोतलें लेकर आए थे, मैने जेई व एसडीओ को इसकी सूचना पहले भी दी थी। लेकिन क्या करूं, जल महकमे के अफसर मेरी बात भी नहीं मानतें। वे जानबूझकर जनता का परेशान करने में लगे हुए हैं। अब लोगों की सुनवाई नहीं हुई तो मुझे आंदोलन छेडना पड़ेगा।
-सुधीर जयसवाल, डिप्टी मेयर, एमसीए
उधर, बिजली कर्मियों को सस्पेंड करने पर हंगामा
11 मई को बिजली निगम कर्मचारियों द्वार सामूहिक अवकाश पर चले जाने के चलते निगम द्वारा शुक्रवार को तीन कर्मचारियों को सस्पेंड करने के मामले में शुक्रवार को विरोध स्वरूप सिटी इंद्रपुरी स्थित बिजली कार्यालय में प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने बिजली घर पर ताला लगाकर लगभग दो घंटे तक जमकर नारेबाजी की।
प्रधान राजेश शर्मा ने बताया कि निगम की कार्रवाई से बिजली कर्मियों में भारी रोष है। जिसके विरोध स्वरूप आज पश्चिमी उपमंडल कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया गया है। कर्मचारियों ने बिजली निगम अधिकारियों को चेतावनी दी की अगर सस्पेंड किए गए कर्मचारियों को बहाल नही किया गया तो 16 मई दिन सोमवार से अनिश्चित कालीन धरना दिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि 16 मई को होने वाले अनिश्चितकालीन धरने बारे में बिजली निगम अधिकारी व प्रशासन को सूचना दे दी गई है। प्रधान राजेश शर्मा ने जिन तीनों ओपरेटरों को बिजली निगम अधिकारियों द्वारा सस्पेंड किया गया है, जोकि सरासर गल्त है।
क्योंकि 11 मई को तीनों कर्मचारी अपने-अपने पावर हाउस में ड्यूटी को पूरा करके गए थे, लेकिन जब अधिकारियों को कर्मचारियों की हड़ताल के बारे में पता था तो अधिकारी अपने किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाते, लेकिन अधिकारियों ने तीनों आपरेटरों को सस्पेंड कर दिए गया। जिसके चलते अब अन्य कर्मचारी यूनियनें एकत्रित हो गई है और अगर जल्द ही सस्पेंड आपरेटरों को बहाल नही किया गया तो हड़ताल अनिश्चितकालीन रहेगी। जिसकी जिम्मेवारी बिजली निगम व जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर राजिंद्र सिंह, नच्छतर सिंह, अनिल कुमार, अशोक शर्मा, विमल, जय सिंह, संदीप चौड़मस्तपुर, गुरमेल सिंह आदि सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।