संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए जीवनदान बनने वाले मिनी वेंटीलेटर को लेकर अस्पताल प्रबंधन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। कोरोना काल में आए इन वेंटीलेटर के लिए पहले अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के महिला वार्ड में एक अलग से कमरा बना हुआ था। इन दिनों इस कमरे से मिनी वेंटीलेटर को बाहर निकालने के बाद वार्ड की फार्मेसी व नर्सिंग स्टेशन काउंटर में रख दिया गया है। जबकि कमरे का इस्तेमाल मरीजों को वार्ड में दाखिल करने के लिए किया जा रहा है। जबकि इन्हें चलाने के लिए पर्याप्त ट्रेंड स्टाफ भी नहीं है। यही कारण है कि इनका समय-समय पर इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। यह मिनी वेंटीलेटर इन दिनों धूल फांकने को मजबूर है। हालांकि अटल कैंसर केयर केंद्र में आईसीयू है लेकिन वो भी स्टाफ की कमी के चलते इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
इमरजेंसी वार्ड में सबसे ज्यादा रहती है जरूरत, वहां एक भी नहीं
नागरिक अस्पताल में सबसे ज्यादा गंभीर मरीज इमरजेंसी में आते हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मिनी वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है लेकिन इन मरीजों को महज आक्सीजन देने के बाद वेंटीलेटर की जरूरत को देखते हुए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि एक भी मिनी वेंटीलेटर इमरजेंसी वार्ड की माइनर ओटी में नहीं है। 17 अगस्त को भी दयाल बाग निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मोहन प्रसाद को तबीयत बिगड़ने पर वेंटीलेटर की सुविधा के लिए कैंट की इमरजेंसी में लाया गया था लेकिन वेंटीलेटर न होने की बात बोलकर उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई जाने की बात कहीं गई थी।
मिनी वेंटीलेटर कोरोना काल में आए थे और स्टाफ को भी ट्रेंड किया गया था। इसको चलाने के लिए बेहोशी के डॉक्टर व ट्रेंड स्टाफ की जरूरत पड़ती है जिसकी कमी चल रही है। अगर कोई गंभीर मरीज आता है तो उसमें मिनी वेंटीलेटर का इस्तेमाल किया जाता है।
- डॉ. जितेंद्र, आरएमओ, कैंट नागरिक अस्पताल
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल के महिला वार्ड में कमरे से बाहर नर्सिंग स्टेशन में रखे मिनी वेंटी
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल के महिला वार्ड में कमरे से बाहर नर्सिंग स्टेशन में रखे मिनी वेंटी