अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव की वार्डबंदी के लिए बनाई गई एडहॉक समिति को लेकर हाइकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें आदेश दिए हैं कि एडहॉक बॉडी में मौजूद सभी पार्षदों को पार्टी बनाया जाए। अब कांग्रेस की ओर से हाइकोर्ट में नए सिरे से याचिका डाली जाएगी और इस याचिका में वार्डबंदी समिति में मौजूद पार्षदों को भी पार्टी बनाया जाएगा।
कांग्रेस से पार्षद व याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार को नगर निगम चुनाव की वार्डबंदी के लिए बनाई गई वार्डबंदी समिति (एडहॉक बॉडी) को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि एडहॉक बॉडी में मौजूद सभी पार्षदों को पार्टी बनाया जाए। अब दोबारा नई याचिका हाइकोर्ट में डाली जाएगी।
बीसी श्रेणी से कोई भी सदस्य शामिल न करने पर कोर्ट पहुंची कांग्रेस
कांग्रेस पार्षद एवं अधिवक्ता की ओर से नगर निगम चुनाव के लिए बनाई गई वार्डबंदी की एडहॉक समिति व बीते दिनों समिति की बैठक को हाइकोर्ट में चुनौती दी गई थी। मामले में हाइकोर्ट में सुनवाई के लिए सोमवार 8 दिसंबर की तारीख लगी थी। पार्षद का कहना था कि नगर निगम चुनाव के लिए बनाई गई वार्डबंदी की एडहॉक समिति व 27 व 28 नवंबर को हुई समिति की बैठक संवैधानिक नहीं है। उनका कहना था कि वार्डबंदी समिति में सभी सदस्य भाजपा के लिए गए, जबकि कांग्रेस या किसी अन्य विपक्षी दल से कोई सदस्य शामिल नहीं किया गया। इस समिति की बैठक में एससी, महिला और जनरल कैटेगरी से ही सदस्यों को लिया गया और बीसी कैटेगरी से कोई भी सदस्य शामिल नहीं किया गया।