अंबाला सिटी की संस्था में बेटे को पिता के सुपुर्द करते पदाधिकारी। प्रवक्ता
- संस्था की मदद से मिला इलाज, अब लौटेगा घर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कहते हैं कि मन में अटूट विश्वास और अपनों को पाने की सच्ची तड़प हो तो समय का लंबा अंतराल भी बाधा नहीं बन सकता। कुछ ऐसा ही भावुक कर देने वाला नजारा अपना घर आश्रम, अंबाला में देखने को मिला, जहां 15 वर्षों से लापता एक भाई का परिवार से पुनर्मिलन हुआ। 15 साल पहले घर से निकले विपिन चौधरी अब अपने छोटे भाई दीपक के साथ वापस बिहार अपने घर लौटेंगे।
समस्तीपुर (बिहार) के शिवाजी नगर निवासी विपिन चौधरी 15 वर्ष पूर्व बिना बताए घर से कहीं निकल गए थे। परिजनों ने कुरुक्षेत्र और अंबाला तक की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ गांव वालों ने यहां तक कह दिया था कि विपिन अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनका श्राद्ध कर देना चाहिए। लेकिन पिता मोनू चौधरी का दिल यह मानने को तैयार नहीं था। उन्हें दृढ़ विश्वास था कि एक दिन उनका बेटा जरूर वापस आएगा।
समाजसेवी विकास गोगिया बने मददगार
संस्था की 69वीं ब्रांच मां माधुरी बृज वारिस सदन में 15 जनवरी 2026 को समाजसेवी विकास गोगिया ने एक लावारिस और बीमार अवस्था में घूम रहे व्यक्ति को भर्ती कराया। काउंसलिंग के दौरान उन्होंने अपना नाम विपिन और पता समस्तीपुर बिहार बताया। विकास गोगिया ने जब पते की पुष्टि की तो परिजनों से संपर्क हो गया। सूचना मिलते ही छोटे भाई दीपक चौधरी अंबाला पहुंचे और बड़े भाई को देखते ही लिपटकर रो पड़े। आश्रम के पदाधिकारियों ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विपिन को उनके भाई दीपक के सुपुर्द कर दिया। दीपक ने नम आंखों से आश्रम का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज हमारे पिता की जीत हुई है।