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विज की नाराजगी : डीसी का तबादला, भाजपा कोषाध्यक्ष हटाए

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अंबाला। ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज की नाराजगी का असर दिखाई दिया। वीरवार को भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अंबाला भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष आशीष तायल को पद मुक्त कर दिया था। वहीं, शुक्रवार को आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची में अंबाला डीसी पार्थ गुप्ता का नाम भी आ गया।
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डीसी के यमुनानगर तबादले को एक तरफ जहां प्रशासनिक अमला रूटीन बता रहा है, वहीं राजनैतिक गलियारों में विज की नाराजगी का असर माना जा रहा है। इन तबादलों के बाद मंत्री विज की नाराजगी कम होगी नजर नहीं आ रही, क्योंकि उन्होंने सरकार को लिखित रूप से दिया है कि उनकी हत्या की साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

हटा ली थी सुरक्षा, फंस गया था काफिला

विधानसभा चुनाव के दौरान विज की सुरक्षा कम कर ली थी। ऐसे में जब चुनाव प्रचार के लिए वह छावनी विधानसभा क्षेत्र के गांव शाहपुर और गरनाल गए तो वहां पर किसानों ने विरोध किया था। यहां किसान संगठनों से जुड़े लोग कार्यक्रम स्थल तक आ गए थे। इसके बाद उन्हें मुश्किल से निकाला गया था। इसी प्रकार कई विकास कार्यों में प्रशासनिक अफसरों ने कई विकास कार्यों को भी पूरा नहीं होने दिया।
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अफसरों और पार्टी के कुछ नेताओं को कहा था गद्दार

विज ने जब विधानसभा चुनाव जीत लिया और वह छावनी के नागरिक अस्पताल में एस्केलेटर का उद्घाटन करने पहुंचे तो यहां उन्होंने सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि चुनाव में कुछ अफसरों ने विपक्ष के प्रत्याशी के साथ बैठकर उन्हें हराने की साजिशें रचीं। सुरक्षा कम कर दी गई। इस कार्यक्रम में विज ने डीसी पार्थ गुप्ता पर तो सीधे ही निशाना साधते हुए कहा था कि उनके चुनाव जीतते ही एक अधिकारी छुट्टी लेकर चले गए। इसमें विज ने यह साफ कहा था कि प्रशासन मेरी हत्या करना चाहता था। हालांकि बाद में डीसी पार्थ गुप्ता ने विज के आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इन्हीं कारणों के चलते डीसी के तबादले को रूटीन तबादला नहीं माना जा रहा है।

राजनीतिक षड्यंत्र का लगाया था आरोप

इसके साथ ही विज ने अपनी ही पार्टी में कुछ नेताओं की ओर से विपक्षी प्रत्याशी से मिलकर लोगों को उनकी पार्टी ज्वाइन कराने जैसी साजिशें रचने के आरोप लगाए थे। इसमें भाजपा के कोषाध्यक्ष आशीष तायल के नाम की चर्चा उस समय काफी जोर पकड़ रही थी। हालांकि आशीष तायल का कहना है कि उन पर कोई आरोप नहीं है और न ही उन्होंने कभी पार्टी विरोधी गतिविधियाें में हिस्सा लिया। अब पदमुक्त करने को लेकर भी उनका कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया से इस बात की जानकारी मिली है पार्टी से आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं आई। भाजपा जिलाध्यक्ष मंदीप राणा ने बताया कि कोषाध्यक्ष आशीष तायल को पदमुक्त कर दिया है। यह फैसला प्रदेश स्तर से लिया गया है।
सर्किट हाउस में लगाई थी फटकार

मंत्री बनने के बाद जब विज अंबाला छावनी आए तो उन्होंने अधिकारियों को पहले ही सर्किट हाउस में आने की सूचना भेज दी थी। मगर यहां एडीसी को भेज दिया गया। डीसी यहां भी मौजूद नहीं थे। यहां पर मंत्री विज यह देखकर काफी नाराज हुए थे। उन्होंने प्रोटोकॉल को याद दिलाया। इसके बाद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी को बाहर जाने को बोल दिया था। मंत्री विज की नाराजगी अभी शांत होती तो दिखाई नहीं दे रही है। इसका कारण है कि उन्होंने चुनाव में साजिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा कैथल में कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उनके आदेश पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में यह मामला लंबा खिंचने वाला दिखाई देता है।
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