माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। भारतमाला परियोजना चरण-1 के तहत अंबाला जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में तेजी आई है। शामली-अंबाला सेक्शन के अंतर्गत रानीपुर बरसी (सहारनपुर) से अधोया मुसल्माना (अंबाला) तक बन रहे सिक्स-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
यदि निर्माण कार्य इसी गति से आगे बढ़ा तो दिसंबर तक इस राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है। हालांकि मानसून के दौरान काम की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाकर परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
785 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा कॉरिडोर
अंबाला-शामली परियोजना की कुल लंबाई 38.90 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर करीब 785 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना को पूरा करने की आधिकारिक समय सीमा 28 फरवरी 2027 निर्धारित है, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए इसके दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह हाईवे बरेली-लुधियाना इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। इसके शुरू होने से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होगा और क्षेत्र में औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मिलेंगे कई फायदे
शहरों के अंदर कम होगा ट्रैफिक दबाव
एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होने के कारण लंबी दूरी के भारी वाहनों को शहरों के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे स्थानीय सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
कम समय और कम ईंधन में पूरा होगा सफर
आधुनिक डिजाइन वाले इस कॉरिडोर पर वाहन लगातार गति से चल सकेंगे। इससे यात्रा समय कम होगा और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
बढ़ेंगे रोजगार और व्यापार के अवसर
हाईवे के आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, पेट्रोल पंप, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
व्यापारिक गलियारे के रूप में विकसित होगा क्षेत्र
यह परियोजना उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बीच माल ढुलाई को आसान बनाएगी। इससे उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
परियोजना एक नजर में
परियोजना: शामली-अंबाला सिक्स-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे
लंबाई: 38.90 किलोमीटर
लागत: करीब 785 करोड़ रुपये
कार्य प्रारंभ: 17 मई 2023
आधिकारिक पूर्णता समय सीमा: 28 फरवरी 2027
वर्तमान स्थिति: करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा
संभावित संचालन: दिसंबर तक