कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में अप्रैल से 24 जून तक जमकर तबाही मचाई। 85 दिनों में 345 लोगों की जान गई। वहीं इस अवधि में जिले में 16348 लोग संक्रमित भी हुए। इसके विपरीत इसी अवधि में सावधानी, सैंपलिंग और सतर्कता के चलते 16561 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए।
दूसरी लहर से सबक लेते हुए हम पहले से ही अलर्ट हैं। तीसरी लहर से बचने के लिए हमने तमाम बंदोबस्त कर लिए हैं लेकिन इसकी भी एक सीमा है। इसीलिए स्थानीय प्रशासन और जनता का संवेदनशील होना जरूरी है। पुलिस और नगर निगम को जरूरी कदम उठाने होंगे। यदि ये सख्ती बरतेंगे तो निश्चित तौर पर हम कोरोना को पूरी तरह हरा देंगे। - डॉ. सुखप्रीत, नोडल अधिकारी।
250 पुलिस कर्मचारियों की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटी लगाई गई हैं। सरकार की ओर से जो भी आदेश आ रहे हैं, उनके अनुपालन में दिन-रात लगे हैं। तीसरी लहर में भी पुलिस स्थानीय प्रशासन का सहयोग करेगी। - हामिद अख्तर, एसपी अंबाला।
दूसरी लहर से सबक लेते हुए तमाम अधूरी तैयारी पूरी कर ली हैं। ऑक्सीजन की बचत कैसे होगी वह भी समझ लिया है। क्रिटिकल मरीजों के वार्ड एकदम कैसे बनाए जाएं। स्टाफ का हौसला कैसे बढ़ाया जाए यह सब भी सीखा। यदि तीसरी लहर से पहले 70 प्रतिशत लोग वैक्सीनेट हो गए तो इसका असर कम रहेगा। - डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।
दूसरी लहर से सबक लेते हुए तमाम तैयारियां व ऑक्सीजन के बंदोबस्त पर्याप्त मात्रा में कर दिए गए हैं। तीसरी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन अधिक हो, इसके लिए 50 या इससे ज्यादा कहीं भी व्यक्ति हैं तो वहीं कैंप लगा दिया जाएगा। इतना ही नहीं अब हम डोर टू डोर टीकाकरण भी शुरू कर रहे हैं। जहां भी 10 व्यक्ति होंगे वहीं घर-घर जाकर टीका लगाया जाएगा। कोरोना की दूसरी डोज के मामले में हम प्रदेश में नंबर वन हैं। पहली डोज में भी जनसंख्या के हिसाब से भी नंबर वन हैं। - विक्रम सिंह, डीसी अंबाला।