अंबाला सिटी। कभी बारिश तो कभी विभागीय व्यवस्थाएं गेहूं खरीद सीजन में अड़चन बन रही हैं। वीरवार को मौसम खुला और धूप निकली तो किसानों ने अपनी फसल को धूप में सुखाया। वहीं खरीद एजेंसियों ने भी गेहूं के उठान में तेजी दिखाई, मगर उठान के बाद ट्रोसपोर्टेशन में दिक्कत पैदा हो गई। दिनभर में अंबाला सिटी से फूड सप्लाई विभाग के 30 ट्रक ही रवाना हुए। वहीं हैफेड की एक भी गाड़ी नहीं पहुंची। ऐसे में उठान प्रक्रिया को धीमा कर दिया गया। इसी प्रकार की समस्या खरीद एजेंसियों को दूसरी मंडियों में भी देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि गेहूं खरीद सीजन में तीन एजेंसियां खरीद कर रही हैं। इसमें फूड सप्लाई विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन शामिल हैं।
उठान की धीमी गति बनी चिंता का विषय : रबी सीजन में विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद का कार्य जोरों पर है। जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक कुल 30,442 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। हालांकि, खरीद की रफ्तार के मुकाबले उठान की धीमी गति प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान लगा रही है। जिले में अब तक मात्र 7.8 प्रतिशत गेहूं का ही उठान हो पाया है। मंडियों में खरीद के मोर्चे पर हैफेड सबसे सक्रिय नजर आ रहा है। हैफेड ने अब तक 21,585 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। वहीं खाद्य विभाग ने 2,465 और एचडब्ल्यूसी ने 6,392 मीट्रिक टन की खरीद की है।