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Ambala News: एजेंसियों के गेट पास जांचेंगी यूनियन, गड़बड़ी पर जाएंगे कोर्ट

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अंबाला सिटी। नई अनाज मंडी में ताैलाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बीते वीरवार को जो ट्रक किसान यूनियन ने रुकवाए थे। उनकी शुक्रवार को जांच कराई तो एक ट्रक में धान की मात्रा अधिक पाई गई लेकिन एसडीएम को इस बारे में कोई शिकायत नहीं दी। अब इस पर किसान यूनियन डीएफएससी से सभी एजेंसियों के गेट पास मांगेगी और अपने स्तर पर ताैलाई की जांच करेगी। अगर ताैलाई में गड़बड़ी पर कार्रवाई नहीं हुई तो किसान यूनियन अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
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इधर इस मामले में एसडीएम अंबाला सिटी ने एजेंसियों को मंडियों के बाहर ताैली जा रही धान की ताैलाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही धान राइस मिलर्स के पास जाएगी। गौरतलब है कि मंडियों में जगह न होने के कारण हुड्डा ग्राउंड और मंडियों के बाहर भी धान की ताैलाई और उठान का कार्य किया जा रहा है।
वहीं मंडियों में किसानों और आढ़तियों के बीच नमी मापने के मीटर को लेकर भी संशय बना हुआ है। जब आढ़ती नमी की जांच करता है तो अधिक नमी आती है। जबकि हैफेड के केंद्र से नमी जांच करवाने पर नमी की मात्रा में कमी आती है।
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भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह ने कहा कि बीती 18 अक्तूबर को यूनियन के कुछ सदस्यों ने सिटी नई अनाज मंडी में एक ट्रक की जांच करी थी। जिसमें पाया गया कि ट्रक में अधिक धान ले जाई जा रही है। एजेंसियां बिना ताैलाई के ही ट्रकों को राइस मिलर्स के पास पहुंचा रही थी। जबकि नियमानुसार पहले ताैलाई होनी चाहिए थी। इसके बाद उन्होंने वीरवार को धान के ट्रक रुकवाए और उनकी ताैलाई करवाई। शुक्रवार को जब खाली ट्रक की ताैलाई करवाई गई तो पाया कि एक ट्रक में तीन क्विंटल धान अधिक मिला था। इसलिए अब वे सभी गेट पास की जांच करेंगे।
उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं : राइस मिलर्स एसोसिएशन
राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान संजीव गर्ग ने कहा कि ताैलाई को लेकर राइस मिलर्स की कोई भागीदारी नहीं होती।मंडी में आढ़ती धान की ताैलाई करवाता है और ट्रक में भेजता है। इसके बाद एजेंसी राइस मिलर्स को ट्रक का वजन करवाकर धान भेजती है। उनकी कोई जिम्मेवारी नहीं होती।
नमी मापने के मीटर पर भी संशय
मंडियों में धान की खरीद से पहले धान में नमी मापी जाती है। इसके लिए हैफेड के पास दबाव वाली मशीन है तो वहीं आढ़तियों के पास डिजिटल मशीन है। इन मशीनों में नमी की जांच करने पर दो- तीन अंकों का अंतर देखने को मिल रहा है। अधिक नमी आने के कारण किसानों को नमी कट झेलना पड़ रहा है। वहीं आढ़तियों का कहना है कि हैफेड केंद्र में जब किसान नमी की जांच करवाने के लिए जाता है तो वह ऊपरी धान की जांच करवाता है।
तो वहीं जब आढ़ती नमी की जांच करता है तो वह निचले स्तर तक धान की नमी जांचता है। इसलिए नमी की जांच में अंतर आता है। ऐसे में नमी मापने के मीटर को लेकर भी संशय बना हुआ है।
वर्जन
ताैलाई में गड़बड़ी के मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलेगी तो इस पर कार्रवाई जरूर होगी। वहीं एजेंसियों को भी धान की ताैलाई के बाद ही राइस मिलर्स तक पहुंचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कुछ कांटे भी चयनित हुए हैं। जहां पर धान की ताैलाई होगी।
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-दर्शन कुमार, एसडीएम अंबाला सिटी।
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