अंबाला सिटी। स्वास्थ्य जगत में कोरोना एक बार फिर से चर्चा में आया है। पिछली बार स्वास्थ्य तंत्र की कमजोरियों के कारण लोगों को उपचार में काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर गौर करें तो छह में से दो ऑक्सीजन प्लांट बंद हैं।
अभी तक ऑक्सीजन की अधिक मारामारी देखने को नहीं मिल रही है। वहीं वेंटिलेटर में भी तैयारी अधूरी है। जिला में 37 में 16 ही सुचारू हैं। वह भी सिर्फ नागरिक अस्पतालों में ही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों की हालात तो कोरोना से लड़ने वाली नहीं दिखाई दे रही है। यहां पर ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़े हैं और वेंटिलेटर की सुविधा भी नहीं है। वहीं अभी तक कोरोना को लेकर रैंडम जांच भी नहीं हो रही हैं। हालांकि विभाग को कोरोना से संबंधित नई गाइडलाइन नहीं मिली है।
30 बेड रहते हैं आरक्षित
विभाग की ओर से कोरोना को लेकर बेड आरक्षित करने के निर्देश तो नहीं मिले हैं। मगर एहतियातन तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड आरक्षित रखे हैं। इसमें 25 बेड ट्रामा सेंटर व अन्य सामान्य वार्ड में रखे गए हैं। इसके अलावा मास्क व अन्य उपकरण भी दुरूस्त कर दिए गए हैं।
खांसी जुकाम वालों के नहीं हो रहे टेस्ट
डॉ. सुनील हरि ने बताया कि विभाग द्वारा खांसी जुकाम के मरीजों की रैंडम कोरोना जांच नहीं करवाई जा रही है। मगर अब विभाग द्वारा निमोनिया जैसी बीमारी के लिए विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर ऐसा कोई मरीज मिलता है तो उसका तुरंत कोरोना जांच करवाई जाएगी।
छह में से दो ऑक्सीजन प्लांट खराब, नहीं मिला बजट
स्वास्थ्य विभाग के पास जिले भर में छह ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं। जिनमें से दो ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़े हैं। जिनके सुधार के लिए अभी तक बजट भी नहीं मिला है। अंबाला सिटी नागरिक अस्पताल में एक हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) और 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट है। अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में एक हजार एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं नारायणगढ़ में भी 500 एलपीएम का आक्सीजन प्लांट है। जो पिछले लंबे समय से खराब पड़ा है। जिसकी देखभाल के लिए विभाग ने तीन लाख रुपये के बजट की मांग की है। अभी तक यह बजट नहीं मिला है। वहीं चौड़मस्तपुर सीएचसी में भी 100 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया है। जो बाढ़ में खराब हो गया था। वहीं पॉलिक्लीनिक में 500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट है जो चल रहा है।
आईसीयू में ही चल रहे वेंटिलेटर
वेंटिलेटर पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ 37 वेंटिलेटर हैं। इनमें से भी 16 चलने की हालत में हैं। इसके अलावा अन्य वेंटिलेटर खराब पड़े हैं। जिसमें अंबाला सिटी के आईसीयू में नौ वेंटिलेटर तो वहीं अंबाला छावनी के आईसीयू में सात वेंटिलेटर कार्य कर रहे हैं। आईसीयू में भी गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। बच्चों के लिए भी वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है।
वर्जन
विभाग को फिलहाल कोरोना से संबंधित कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। फिर भी एहतियात के तौर पर कोरोना से संबंधित संसाधनों को दुरूस्त करने का कार्य किया जा रहा है। हमारे पास प्रर्याप्त संसाधन हैं।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला।
छावनी नागरिक अस्पताल में स्थित ऑक्सीजन प्लांट। संवाद