अंबाला सिटी। डेंगू के प्रकोप से शहर में एक ही परिवार के दो मासूमों की मौत हो गई। पिता ने रविवार को बड़े बेटे का दाह संस्कार किया था। सोमवार सुबह पांच बजे छोटे बेटे की भी मौत हो गई। बच्चों की मां इस सदमे से बार-बार बेहोश हो रही है। अंबाला में इस सीजन में यह पहली बड़ी घटना है। पीड़ित के बड़े बेटे का नाम समर साहु और छोटे बेटे का नाम सार्थक है।
सिटी बलदेव नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुभाष नगर में बीते शुक्रवार को नौ वर्षीय समर साहु के पेट में अचानक दर्द होने की शिकायत हुई थी। इसके बाद परिजन सिविल अस्पताल लेकर गए। जहां पर उपचार कर दिया और ठीक होने की बात कहकर रात्रि आठ बजे छुट्टी कर दी। इसी रात बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजन चिकित्सकों के बताए अनुसार दवाई देते रहे। जब तबीयत ठीक नहीं हुई तो समर को सुबह करीब छह बजे छावनी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्चे के पिता सुमित साहु ने बताया कि छावनी नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे की बीमारी से संबंधित कुछ जरूरी टेस्ट आदि करवाए और करीब दो घंटे बाद बच्चे को चंडीगढ़ रेफर करने की बात कही। बच्चे को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने उपचार तो शुरू कर दिया, मगर केस को गंभीरता से नहीं लिया। जिससे समर की हालत और बिगड़ गई और उसने शनिवार सायं पांच बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया।
एक हफ्ते पहले मनाया जन्मदिन, करवाया हवन
18 सितंबर को समर का जन्मदिन था। पूरा परिवार खुश था। वहीं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार ने 17 सितंबर को हवन करवाया था। 18 सितंबर को खुशी के माहौल में रिश्तेदारों व आसपास के लोगों को जन्मदिन पर बुलाया था।
छोटे बेटे ने सुबह पांच बजे दम तोड़ा
पिता ने बताया कि शनिवार को ही सुबह छोटे बेटे सार्थक साहु की हालत खराब होने लगी। परिजनों ने तुरंत छोटे बच्चे को भी चंडीगढ़ में ही दाखिल कर दिया था। शनिवार को दोनों बच्चों का इलाज चिकित्सक कर रहे थे। परिजनों की मानें तो जब समर की मौत हुई तो ड्यूटी पर तैनात अन्य चिकित्सकों ने छोटे बेटे सार्थक साहु को बेहतर इलाज करने का आश्वासन दिया। मगर छोटे बेटे की हालत भी उसी प्रकार से बिगड़ती चली गई और रविवार की सुबह पांच बजे उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
क्षेत्र में मातम का माहौल
एक ही परिवार के दो चिराग बीमारी की भेंट चढ़ गए, इससे पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। पीड़ित परिवार पूरी तरह से इस गहरे सदमे में है। परिवार ने गमगीन माहौल में बड़े बेटे समर का अंतिम संस्कार किया। वहीं छोटे बेटे सार्थक को दफनाया। इस दौरान परिवार को इलाकावासी सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस परिवार के दुखों पर खाली मरहम ही लगाया जा सकता है। घर की खुशियां पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं।
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, मगर सिटी व छावनी नागरिक अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। छावनी अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए चंडीगढ़ रेफर किया गया था, मगर डेंगू के लक्षण बच्चे में उस समय नहीं थे।
-डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ अंबाला।